गाजीपुर। विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी आगामी 10 अक्टूबर 2026 को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाएगा। वर्ष 2026 की विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की थीम है, जीने के अनुभवो को सुना जाए – “सच्ची आवाजे, सच्चे बदलाव”! इसका अर्थ है जिन लोगों ने व्यक्तिगत रूप से मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं या चुनौतियों का सामना किया है। उनके अनुभव और ज्ञान को वास्तविक विशेषज्ञता मानते हुए मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी नीतियों, उपचार और सेवा कार्यक्रमों में उन्हें शामिल किया जाए। क्योंकि जब वास्तविक आवाजों को मंच मिलेगा और उन्हें गंभीरता से सुना जाएगा तभी मानसिक स्वास्थ्य देखभाल और सामाजिक दृष्टिकोण में सकारात्मक वास्तविक बदलाव आएगा। विश्व मानसिक स्वास्थ्य फेडरेशन की एक और महत्वपूर्ण पहल दीर्घकालिक मनोरोग संस्थाओं से हटकर, समुदाय आधारित व्यक्ति केंद्रित मानसिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली की ओर बढ़ना है । क्योंकि संस्थान अक्सर अलगाव का कारण बनते हैं तथा वहां पर प्रायः खराब गुणवत्ता वाली देखभाल, जोर जबरदस्ती और मानवाधिकारों के हनन की समस्याएं आम होती हैं। इसके लिए सेवाओं और सहायता कार्यक्रमों में सुनियोजित बदलाव की आवश्यकता है ताकि लोग अपने समुदायों के साथ रहकर मानसिक रूप से स्वस्थ हो सके। इस विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर मनोरोगों के बारे में सुनने से अधिक मानसिक स्वास्थ्य रोगों से जूझ रहे लोगों के साथ मिलकर मानसिक स्वास्थ्य प्रणालियों के निर्माण पर है। दिव्यांगजन और सामाजिक कार्यकर्ता ऐसा ज्ञान लाते हैं जो केवल व्यावसायिक प्रशिक्षण या अनुसंधान से प्राप्त नहीं किया सकता है वह उन बाधाओं और चुनौतियों की भी पहचान कर सकते हैं जिसे अन्य लोग अनदेखा कर सकते हैं। दुनिया के दस में से एक देश में संस्था आधारित मानसिक स्वास्थ्य देखभाल पूरी तरह से सामुदायिक आधारित मॉडल में परिवर्तित हो चुका है। जबकि लगभग 53% देश में इस परिवर्तन के प्रारंभिक चरण में है। विश्वास संगठन 2024 की रिपोर्ट के अनुसार मनोरोग अस्पताल में भर्ती होने वाले लगभग आधे लोग अनैच्छिक होते हैं और पांच में से एक लोग अस्पताल में भर्ती 1 वर्ष से अधिक समय तक भर्ती रहते है। संस्थांनीकरण से मुक्ति से आशय है कि लोग सामुदायिक एवं पारिवारिक जीवन से जुड़कर मानसिक रोग से मुक्ति प्राप्त कर सकेंगे। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय गाजीपुर के मनोविज्ञान विभाग प्रभारी डॉ शिवकुमार के अनुसार विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा जिसमें विद्यार्थियों द्वारा इसकी थीम से जुड़े चार्ट एवं पोस्टर प्रदर्शित किए जाएंगे तथा एक लघु संगोष्ठी के माध्यम से विद्यार्थी अपनी मानसिक समस्याओं से जुड़े अनुभवों को साझा करेंगे। इस अवसर पर मनोचिकित्सा विभाग, मेडिकल कॉलेज गाजीपुर के मनोचिकित्सक डॉ प्रदीप यादव का आमंत्रित व्याख्यान भी मनोविज्ञान विभाग में आयोजित होगा।

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