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बीएचयू चिकित्सा विज्ञान संस्थान में एमबीबीएस विद्यार्थियों के फाउंडेशन कोर्स का हुआ समापन, बोलें कुलपति- आप सेवा प्रधान क्षेत्र में कर रहें है प्रवेश

वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में चिकित्सा विज्ञान संस्थान के चिकित्सा संकाय द्वारा नवप्रवेशित एमबीबीएस बैच 2026 के विद्यार्थियों के लिए आयोजित 15 दिवसीय फाउंडेशन कोर्स का समापन समारोह मंगलवार को चिकित्सा विज्ञान संस्थान के न्यू लेक्चर थिएटर में आयोजित किया गया। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के दिशा-निर्देशन में 21 सितंबर से 06 अक्टूबर तक आयोजित इस पाठ्यक्रम में 78 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। फाउंडेशन कोर्स का उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को बीएचयू के शैक्षणिक वातावरण, चिकित्सा शिक्षा, व्यावसायिकता, नैतिकता, संवाद एवं व्यक्तिगत विकास से परिचित कराना था। मुख्य अतिथि प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी, कुलपति, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे एक अत्यंत सम्मानित एवं सेवा-प्रधान पेशे में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के बहुविषयक शैक्षणिक वातावरण का लाभ उठाने तथा अपनी प्रतिभा, रुचि और क्षमता को पहचानने का प्रयास करने को कहा। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा की कठिन प्रकृति का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने और किसी भी चुनौती की स्थिति में मित्रों, परिवार तथा शिक्षकों से संवाद बनाए रखने की सलाह दी।कुलपति ने चिकित्सा क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहित नई तकनीकों की बढ़ती भूमिका का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि एआई चिकित्सकीय निर्णय को अधिक सटीक बनाने और रोगी के बेहतर उपचार में सहायक हो सकती है, लेकिन चिकित्सकीय निर्णय का विकल्प नहीं बन सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से रोगियों की विभिन्न प्रतिक्रियाओं और आलोचनाओं से निराश न होकर उनमें सीख की संभावना तलाशने का सुझाव दिया। उन्होंने विद्यार्थियों के अपनी रुचि और क्षमता के आधार पर भविष्य की दिशा तय करने, जल्दबाजी से बचने तथा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।विशिष्ट अतिथि प्रो. एस. एन. संखवार, निदेशक, चिकित्सा विज्ञान संस्थान ने विद्यार्थियों को जिज्ञासु बने रहने और प्रश्न पूछने में संकोच न करने की सलाह दी। उन्होंने विद्यार्थियों से सत्य के साथ खड़े रहने, कठिन परिस्थितियों में शिक्षकों एवं वरिष्ठों से मार्गदर्शन लेने तथा भाषा को लेकर किसी प्रकार की झिझक न रखने को कहा। उन्होंने विद्यार्थियों को चिकित्सा विज्ञान संस्थान के परिवार का हिस्सा बताते हुए अपनी शिक्षा एवं कौशल के माध्यम से देश और विश्व की सेवा हेतु स्वयं को तैयार करने के लिए प्रेरित किया।प्रो. मनोज पांडेय, डीन रिसर्च ने विद्यार्थियों को अध्ययन एवं परीक्षा के दबाव से बचते हुए मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने तथा पढ़ाई के इतर अन्य गतिविधियों में भी सहभागिता करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मन ही स्वस्थ चिकित्सक का निर्माण करता है। उन्होंने विद्यार्थियों को संस्थान का हिस्सा बताते हुए अध्ययन के साथ-साथ व्यक्तिगत जीवन से जुड़ी किसी भी समस्या में शिक्षकों एवं संस्थान के अधिकारियों से सहयोग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।प्रो. संजय गुप्ता, संकाय प्रमुख, चिकित्सा विज्ञान संकाय ने स्वागत संबोधन दिया। उन्होंने नवप्रवेशित एमबीबीएस विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि उन्हें अपने विद्यार्थियों पर गर्व है। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और भविष्य में भी उत्कृष्ट कार्य करते रहने के लिए प्रेरित किया।फाउंडेशन कोर्स की समन्वयक प्रो. तुहिना बनर्जी ने फाउंडेशन कोर्स की रूपरेखा और 15 दिनों के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम के सत्रों को व्याख्यान आधारित रखने के बजाय अधिक संवादात्मक बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।21 सितंबर से 06 अक्टूबर तक आयोजित फाउंडेशन कोर्स में विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा, व्यावसायिकता, नैतिकता, संवाद एवं व्यक्तिगत विकास से परिचित कराने के उद्देश्य से कुल 50 सत्र आयोजित किए गए। पाठ्यक्रम में 49 विषय विशेषज्ञों ने अपना समय एवं विशेषज्ञता प्रदान की, जबकि 10 सदस्यीय आयोजन समिति और 15 विद्यार्थी स्वयंसेवकों ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया। फाउंडेशन कोर्स के दौरान विद्यार्थियों को शिक्षकों एवं विषय विशेषज्ञों से संवाद करने, अपनी जिज्ञासाओं एवं समस्याओं का समाधान प्राप्त करने तथा संस्थान के शैक्षणिक एवं व्यावसायिक वातावरण से परिचित होने के अवसर मिले। प्रतिभागी विद्यार्थियों से गूगल फॉर्म के माध्यम से प्रतिक्रिया प्राप्त की गई। प्राप्त प्रतिक्रियाओं में विद्यार्थियों ने कार्यक्रम के प्रति सकारात्मक भाव प्रदर्शित किए।समारोह के अंत में फाउंडेशन कोर्स के विषय विशेषज्ञों को कुलपति एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। डॉ. उमेश चौधरी, सह-समन्वयक ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने शपथ ली।

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