लखनऊ:भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद् (ICSSR), नई दिल्ली द्वारा वित्तीय वर्ष की प्रतिष्ठित डॉक्टोरल फेलोशिप की चयन सूची (अनुलग्नक-I एवं अनुलग्नक-II) जारी कर दी गई है। जारी परिणामों में लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपनी शोध गुणवत्ता का लोहा मनवाते हुए शानदार सफलता हासिल की है। विश्वविद्यालय के कुल 12 शोधार्थियों ने इस राष्ट्रीय फेलोशिप में स्थान बनाया है, जिनमें 10 शोधार्थियों का चयन ‘फुल-टर्म डॉक्टोरल फेलोशिप’ तथा 02 शोधार्थियों का चयन ‘शॉर्ट-टर्म डॉक्टोरल फेलोशिप’ के लिए हुआ है।आईसीएसएसआर द्वारा घोषित आधिकारिक सूची के अनुसार, उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में सबसे ज्यादा शोधार्थी लखनऊ विश्वविद्यालय से चयनित हुए हैं। विश्वविद्यालय ने राज्य विश्वविद्यालयों के स्तर पर सर्वाधिक 12 शोधार्थियों का चयन सुनिश्चित कराकर प्रदेश में अपना वर्चस्व और अकादमिक नेतृत्व स्थापित किया है।फुल-टर्म डॉक्टोरल फेलोशिप (10 शोधार्थी):* चयनित 10 शोधार्थियों को 2 वर्ष की अवधि हेतु ₹20,000 प्रति माह फेलोशिप एवं ₹20,000 प्रति वर्ष आकस्मिक अनुदान (Contingency) प्रदान किया जाएगा।शॉर्ट-टर्म डॉक्टोरल फेलोशिप (02 शोधार्थी): शोध प्रबंध के अंतिम चरण एवं थीसिस लेखन में जुटे 2 शोधार्थियों को 6 माह की अवधि के लिए वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है।कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी ने बधाई देते हुए कहा “आईसीएसएसआर डॉक्टोरल फेलोशिप में लखनऊ विश्वविद्यालय के 12 शोधार्थियों का चयन और उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में सबसे अधिक चयन दर्ज करना पूरे विश्वविद्यालय परिवार के लिए गर्व का विषय है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्रदेश की कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल महोदया के सतत मार्गदर्शन, प्रेरणादायी विजन तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के कुशल व दूरदर्शी नेतृत्व में उच्च शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में किए जा रहे नीतिगत सुधारों का प्रतिफल है। शासन द्वारा शिक्षण और अनुसंधान को वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रोत्साहित करने का ही परिणाम है कि आज हमारे शोधार्थी राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी स्थान प्राप्त कर रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप सामाजिक प्रासंगिकता और साक्ष्य-आधारित अध्ययन राष्ट्र निर्माण की दिशा तय करता है। मैं सभी सफल 12 शोधार्थियों, उनके शोध मार्गदर्शकों और शिक्षकों को बधाई देता हूँ। विश्वविद्यालय प्रशासन युवा प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय शोध संसाधन और संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।”नैक (NAAC) द्वारा A++ श्रेणी प्राप्त लखनऊ विश्वविद्यालय निरंतर अपने शोध इकोसिस्टम को नए आयाम दे रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि समाज विज्ञान, अर्थशास्त्र, समाज कार्य, लोक प्रशासन और विधि जैसे प्रमुख अनुशासनों में चयनित शोधार्थी आईसीएसएसआर के तय दिशा-निर्देशों के अनुरूप औपचारिकताएं पूर्ण कर शीघ्र ही फेलोशिप से जुड़ेंगे।
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