मऊ। राष्ट्रीय साहित्यिक एवं सामाजिक संगठन साहित्य उन्नयन संघ द्वारा मऊ इकाई के दिवंगत संरक्षक समाजसेवी देवशरण वर्मा के स्मृति में विशाल श्रद्धांजलि सभा एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिलीप कुमार चौहान बागी के नेतृत्व, मुख्य संरक्षक प्रोफेसर (डॉ.) अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता एवं मुख्य कार्यक्रम संयोजक श्री शशि कुमार वर्मा के कुशल संयोजन में सोहबरपुर ग्रामसभा के सैकड़ों जरूरतमंद बच्चों में कॉपी, कलम तथा मिष्ठान का निःशुल्क वितरण किया गया। उपस्थित कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। दिलीप कुमार चौहान बागी ने पढ़ा कि लौटकर नहीं आएगा बचपन यह सोचकर आज उदास हूँ, माँ – बाप को ढूंढ रही हैं आँखे भले बीवी-बच्चों के साथ हूँ। कवि डॉ.जितेंद्र त्यागी ने पिता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि माँ अगर सृष्टि की देवी तो पिता जगत का परमेश्वर है। शशि कुमार वर्मा ने सुनाया कि न खुद के लिए न ज़माने के लिए जिंदा हूँ, कर्ज माँ – बाप का चुकाने के लिए जिंदा हूँ। कवि अनिल अभिलाभ ने कहा कि पिता आज दुनिया में नहीं पर उनका संस्कार आज भी जिंदा है। बाल कवि शौर्य वर्मा सहित अन्य कवियों ने भी उम्दा प्रस्तुति करते हुए खूब वाहवाही बटोरी। संगठन के मुख्य संरक्षक डॉ. अजय कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि संस्था द्वारा एक लाख गरीब एवं जरूरतमंत बच्चों में कॉपी, कलम, किताब एवं अन्य शिक्षण सामग्री के निःशुल्क वितरण के राष्ट्रीय व्यापी मिशन के तहत अभी तक लगभग 11,000 बच्चों में उक्त सामग्री का सफलतापूर्वक वितरण निजी संसाधनों के बूते कर दिया गया है। कार्यक्रम का संचालन शशि कुमार वर्मा एवं अध्यक्षता डॉ. अजय कुमार सिंह ने की। इस अवसर पर भोला नाथ वर्मा, नागेंद्र वर्मा, धनंजय मौर्य, बृजेश सहित सैकड़ों की संख्या में बच्चे, साहित्य प्रेमी और सम्मानित जन उपस्थित रहे।
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