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बीएचयू: दीन दयाल उपाध्याय कौशल केंद्र के 13 विद्यार्थियों को मिला प्रथम अकादमिक उत्कृष्टता पुरस्कार

वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के प्रथम अकादमिक उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह में राजीव गांधी दक्षिणी परिसर स्थित दीन दयाल उपाध्याय कौशल केंद्र के 13 विद्यार्थियों को सेमेस्टर परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। शैक्षणिक सत्र 2025–26 में शुरू किए गए इन पुरस्कारों का उद्देश्य विश्वविद्यालय के सभी विषयों में स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर के विद्यार्थियों की शैक्षणिक उत्कृष्टता को पहचानना और उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करना है। विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक स्वतंत्रता भवन में आयोजित समारोह में विभिन्न संकायों एवं संस्थानों के 332 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। ये पुरस्कार तीन श्रेणियों में प्रदान किए गए हैं। इसके लिए विद्यार्थियों का सीजीपीए 8.5 या उससे अधिक होना आवश्यक है। तीनों श्रेणियों में क्रमशः 25,000 रुपये, 20,000 रुपये और 15,000 रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाती है। समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने विश्वविद्यालयी जीवन में शैक्षणिक उपलब्धियों को मान्यता देने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, कि “हमारे विश्वविद्यालय के कैलेंडर में एक ऐसा दिन शामिल करने की आवश्यकता थी, जब हम उस मूल उद्देश्य का उत्सव मना सकें, जिसके लिए विश्वविद्यालय अस्तित्व में है।” कुलपति और कुलसचिव राजन श्रीवास्तव द्वारा विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम की शुरुआत छात्र अधिष्ठाता प्रो. रंजन कुमार सिंह के स्वागत संबोधन से हुई। अपर परीक्षा नियंता प्रो. जी.पी. सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया। दीन दयाल उपाध्याय कौशल केंद्र के एम.वोक. कार्यक्रमों के चार विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। इनमें मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी से लवली रानी, फूड प्रोसेसिंग एंड मैनेजमेंट से आराध्या बरुआ, रिटेल एंड लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट से आकृति जायसवाल तथा फैशन टेक्नोलॉजी एंड अपैरल डिजाइन से अंशिका गुलरिया शामिल हैं। केंद्र के बी.वोक. कार्यक्रमों के नौ विद्यार्थियों को भी यह पुरस्कार मिला। मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी से द्वितीय सेमेस्टर की सपना भारती और चतुर्थ सेमेस्टर की रिया गुसाईं; फूड प्रोसेसिंग एंड मैनेजमेंट से द्वितीय सेमेस्टर की मनीषा नौटियाल; हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म मैनेजमेंट से द्वितीय सेमेस्टर की रिया सिंह; मॉडर्न ऑफिस मैनेजमेंट से द्वितीय सेमेस्टर की श्रेया गौतम और चतुर्थ सेमेस्टर की प्राची कुमारी; रिटेल एंड लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट से द्वितीय सेमेस्टर की विशालाक्षी ओझा; तथा फैशन टेक्नोलॉजी एंड अपैरल डिजाइन से द्वितीय सेमेस्टर की आंचल सिंह और चतुर्थ सेमेस्टर की कुमारी पायल राज को सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय में कौशल-आधारित व्यावसायिक शिक्षा के बढ़ते योगदान को दर्शाती है। दीन दयाल उपाध्याय कौशल केंद्र के विद्यार्थियों ने शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्षताएँ विकसित करने में भी अपनी क्षमता प्रदर्शित की है। उनकी सफलता गुणवत्तापूर्ण व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने तथा कुशल, सक्षम और पेशेवर रूप से तैयार स्नातक विकसित करने के विश्वविद्यालय के प्रयासों को प्रतिबिंबित करती है। इस अवसर पर दीन दयाल उपाध्याय कौशल केंद्र के पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. आर.एस. मिश्रा और कला संकाय की संकाय प्रमुख प्रो. सुषमा गिल्डियाल भी उपस्थित रहीं। उन्होंने पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को आशीर्वाद दिया। केंद्र के शिक्षकों और कर्मचारियों ने विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धि पर बधाई दी तथा उनके शैक्षणिक और पेशेवर जीवन में निरंतर सफलता की कामना की।

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