मऊ। राष्ट्रीय साहित्यिक एवं सामाजिक संगठन ‘साहित्य उन्नयन संघ’ की मऊ इकाई के तत्वावधान में मऊ जिले के मोहम्मदाबाद गोहना स्थित बालदेव आई.टी.आई. कॉलेज के सभागार में एक भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन संगठन के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. दिलीप कुमार चौहान ‘बाग़ी’ एवं मुख्य संरक्षक डॉ. अजय कुमार सिंह की गरिमामय उपस्थिति में किया गया। पूर्वांचल के विभिन्न जिलों से आए रचनाकारों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ संत कबीर नगर से आए युवा कवि राजेश मृदुल की सरस्वती वंदना से हुआ।मऊ इकाई के जिलाध्यक्ष वरिष्ठ कवि सुरेंद्र सिंह ‘चाँस’ ने सुनाया – “चाँद, चाँदनी से खफा हो गया”। शायरा प्रवीण ‘मलिका’ ने पढ़ा – “गुनहगारों को एजाज़ से नवाज़ा गया, जो बेगुनाह थे उन्हें कड़ी सज़ाएं मिलीं।”कवि अमिताभ बाग़ी ने अपनी रचना ‘जीवन के पल-पल’ सुनाकर खूब वाहवाही लूटी, कवि रोहिताश सौम्य ने सुनाया – “बड़ी मुश्किल है पानी पर पानी लिखना”। भोजपुरी के वरिष्ठ कवि कृष्णदेव घायल ने अपनी व्यंग्यात्मक रचना के माध्यम से समाज की कुरीतियों पर प्रहार किया। कवि देवनाथ ने पुराने दिनों को याद करते हुए पढ़ा – “सवनवा से कजरी कहाँ गईल”। वरिष्ठ कवि रमेश राय ने अपनी गंभीर रचनाओं से वातावरण को साहित्यमय बना दिया।इसी क्रम में देवनाथ शर्मा, एडवोकेट महेंद्र राय, अनिल अनिलाव, युवा कवि आदर्श अविरल सहित अन्य रचनाकारों ने भी सुंदर प्रस्तुतियाँ दीं।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संगठन के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. दिलीप कुमार चौहान ‘बाग़ी’ ने कहा कि साहित्य उन्नयन संघ ने मात्र दो वर्षों में देश के लगभग 10 राज्यों और प्रदेश के 25 जिलों में अपनी साहित्यिक एवं सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से पहुँच बनाई है, जिसका श्रेय संगठन के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों एवं शुभचिंतकों को जाता है।कार्यक्रम का संचालन डॉ. दिलीप कुमार चौहान ‘बाग़ी’ ने किया एवं अध्यक्षता डॉ. अजय सिंह ने की। वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद कुमार राय द्वारा आभार ज्ञापित किया गया।इस अवसर पर दिनेश सिंह, लक्ष्मी नारायण सिंह, कृष्णकांत राय, योगेंद्र सिंह, नंदिनी निर्मल चौहान सहित बड़ी संख्या में श्रोता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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