गाजीपुर। खानपुर के बभनौली गांव में दस साल पुराने मकान को आठ फीट ऊंचा उठाने के लिए जैक तकनीक का उपयोग किया गया। बिना तोडफोड़ के ही जैक सिस्टम से मकान को जमीन से आठ फीट उपर उठाया जा रहा है। राजकुमार विश्वकर्मा के मकान को उठाने के लिए शिफ्टिंग एंड लिफ्टिंग कंपनी के चालीस से ज्यादा कारीगर लगे हैं। सात कमरों का यह मकान करीब दो हजार वर्गफीट बनाया गया था। दस साल पुराने मकान में जमीन के नीचे से पानी रिसता था। भूगर्भ जलस्रोत बढ़ने के बाद मकान के भूतल पर पानी आने लगता था। बरसात के दिनों में मकान रहने के काबिल नहीं रहता था। मकान को उठाने के लिए राजकुमार ने बिहार राज्य के अररिया निवासी मोहम्मद इस्लाम की कंपनी से संपर्क किया। कंपनी ने पांच इंजीनियरों की मदद लेकर जैक सिस्टम लगाने के इंतजाम किया गया। मकान को ऊपर लिफ्ट करने के लिए कारीगरों ने सबसे पहले कॉलम की जगह में दो सौ जैक लगाये। एक जैक करीब बीस किलोग्राम के हैं लेकिन भार उठाने की इनकी क्षमता अस्सी टन तक की है। कंपनी के संचालक ने बताया कि इस काम में सावधानी जरूरी है। कोई भी जैक कम या ज्यादा उठेगा तो बैलेंस बिगड़ जाएगा। इसलिए हर मिनट पर आवाज देकर प्रत्येक कॉर्नर व बीच में काम करने वाले मजदूरों को चेताया जाता है। मकान के समूचे एंगलों को वेल्डिंग करके एक समान बेस तैयार किया और उसके नीचे जैक लगाकर उन्हें एक साथ आधा-आधा इंच उठाना शुरू किया जाता है।
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