आजमगढ़। एंटी करप्शन टीम ने वन विभाग में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए डीएफओ कार्यालय में तैनात स्टेनो को 7,500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद वन विभाग और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप सरीखा माहौल है। मुबारकपुर थाना क्षेत्र निवासी मनोज विश्वकर्मा ने एंटी करप्शन संगठन से शिकायत की थी कि पेड़ कटान की ऑनलाइन अनुमति दिलाने के एवज में डीएफओ कार्यालय में तैनात स्टेनो कपिलदेव यादव रिश्वत की मांग कर रहा है। शिकायत के सत्यापन के बाद एंटी करप्शन टीम ने आरोपी को पकड़ने की योजना बनाई। पूर्व निर्धारित रणनीति के तहत शिकायतकर्ता को 7,500 रुपये लेकर भेजा गया। जैसे ही स्टेनो ने रिश्वत की रकम ली, पहले से तैनात एंटी करप्शन टीम ने डीएफओ कार्यालय के मुख्य गेट के पास उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी को हिरासत में लेकर थाने लाया गया, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई शुरू की गई। एंटी करप्शन टीम प्रभारी ने बताया कि आरोपी कपिलदेव यादव सिधारी थाना क्षेत्र का निवासी है। वर्ष 2001 से वन विभाग में कार्यरत है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। लोगों का कहना है कि स्टेनो कपिलदेव यादव के खिलाफ पहले भी रिश्वत लेने की शिकायतें सामने आती रही थीं।
आरोप है कि विभागीय अधिकारियों को इसकी जानकारी होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। एंटी करप्शन की इस कार्रवाई के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
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