वाराणसी। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अशोका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (AITM) में रविवार को सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए योग के विभिन्न आसनों और प्राणायाम का अभ्यास किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आईआईटी (बीएचयू) के प्रसिद्ध योग प्रशिक्षक कुश पाण्डेय रहे। उन्होंने उपस्थित लोगों को विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास कराया तथा योग के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारतीय जीवन दर्शन में स्वास्थ्य को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। “पहला सुख निरोगी काया” की अवधारणा आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी प्राचीन काल में थी। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में लोग अपने स्वास्थ्य की सबसे अधिक उपेक्षा कर रहे हैं, जिसके कारण अनेक शारीरिक और मानसिक समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। कुश पाण्डेय ने कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की एक वैज्ञानिक पद्धति है। नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत और जीवन सकारात्मक बनता है। उन्होंने सभी से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर संस्थान की डायरेक्टर डॉ. सारिका श्रीवास्तव ने मुख्य अतिथि का पौधा भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर गौरव कुशवाहा ने किया।
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