आजमगढ़। मुबारकपुर क्षेत्र के चर्चित दुधिया पृथ्वीराज यादव हत्याकांड में वांछित चल रहे एक लाख रुपये के इनामी अपराधी भानू प्रताप सिंह उर्फ बब्लू सिंह के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद आजमगढ़ पुलिस ने राहत की सांस ली है। लंबे समय से फरार चल रहा यह कुख्यात अपराधी जिले की पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। उस पर हत्या, लूट, डकैती और संगठित अपराधों समेत कई गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज थे। एसपी डॉ. अनिल कुमार गोरखपुर जिले के बेलघाट थाना क्षेत्र के विधानापार गांव निवासी भानू प्रताप सिंह आजमगढ़ के थाना मुबारकपुर में दर्ज बहुचर्चित हत्या मामले में वांछित था। आरोप था कि उसने सुपारी लेकर पिपरापुर निवासी दुधिया कारोबारी पृथ्वीराज यादव की हत्या कराई थी। इस मामले में उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी, लेकिन वह गिरफ्तारी से बचता रहा। आरोपी की गिरफ्तारी पर पहले आजमगढ़ पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। बाद में उसके बढ़ते आपराधिक नेटवर्क और गिरफ्तारी में असफलता को देखते हुए इनाम राशि बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई थी। इसके अलावा अंबेडकरनगर और गोरखपुर पुलिस ने भी उस पर अलग-अलग इनाम घोषित कर रखा था। आजमगढ़ में उसके खिलाफ हत्या, लूट, अपहरण, हत्या के प्रयास, चोरी, आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं में कई मुकदमे दर्ज थे। वहीं गोरखपुर, संतकबीरनगर, मऊ, अंबेडकरनगर और बस्ती समेत विभिन्न जनपदों में भी उसके खिलाफ गंभीर अपराधों के मामले पंजीकृत थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ तीन दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।रविवार को अयोध्या में एसटीएफ फील्ड यूनिट प्रयागराज और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे घेर लिया। पुलिस के मुताबिक घेराबंदी के दौरान उसने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में वह घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एसपी डॉ अनिल कुमार ने बताया कि भानू प्रताप सिंह के मारे जाने से आजमगढ़ के चर्चित पृथ्वीराज यादव हत्याकांड की जांच और उससे जुड़े आपराधिक नेटवर्क के कई पहलुओं को स्पष्ट करने में मदद मिलेगी। साथ ही जिले में सक्रिय अपराधियों के बीच भी इसका बड़ा संदेश गया है।
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