वाराणसी। अशोका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (AITM), वाराणसी के अंतर्गत संचालित एआईटीएम फाउंडेशन फॉर इनक्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (AFIE) तथा नई दिल्ली स्थित सेंटर फॉर नमो स्टडीज (CNMS) के बीच अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता और राष्ट्र निर्माण के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित प्रतिष्ठित “नमो विकसित भारत संवाद” कार्यक्रम के दौरान संपन्न हुआ। इस रणनीतिक साझेदारी का उद्देश्य विकसित भारत-2047 के विजन को साकार करने के लिए अनुसंधान, नवाचार, भारतीय ज्ञान प्रणाली, उद्यमिता, कौशल विकास, सार्वजनिक नीति संवाद, सतत विकास, सामुदायिक सहभागिता और सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन के क्षेत्रों में संयुक्त रूप से कार्य करना है। इस पहल के माध्यम से शिक्षा जगत, उद्योग, सरकार और समाज के बीच मजबूत समन्वय स्थापित कर एक ऐसा सशक्त पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने का प्रयास किया जाएगा, जो नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा दे सके। समझौता ज्ञापन पर सेंटर फॉर नमो स्टडीज के चेयरमैन प्रो. जासिम मुहम्मद तथा एआईटीएम फाउंडेशन फॉर इनक्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप की प्रोफेसर-इन-चार्ज डॉ. अपर्णा सिंह ने अपने-अपने संस्थानों की ओर से हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति इकबाल अहमद अंसारी, राष्ट्रीय इमाम संगठन के अध्यक्ष डॉ. उमर अहमद इलियासी, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के डॉ. मोहम्मद शम्स इकबाल, मिशन सर्वार्थ सेवा फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. बसंत गोयल, वरिष्ठ शिक्षाविद एवं भाजपा नेता श्याम जाजू सहित देशभर से आए अनेक शिक्षाविद, नीति-निर्माता, सामाजिक कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी उपस्थित रहे। इस उपलब्धि पर अशोका के चेयरमैन इ. अंकित मौर्या ने कहा कि यह साझेदारी केवल एक औपचारिक समझौता नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से युवाओं को शोध, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में नए अवसर प्राप्त होंगे तथा समाज और राष्ट्र के समग्र विकास को गति मिलेगी।
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