वाराणसी। अशोका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग व्दारा बुधवार को शिक्षकों के लिए “इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी)” विषय पर एक साप्ताहिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों को उभरती हुई तकनीकों से परिचित कराना तथा उनके तकनीकी ज्ञान एवं कौशल को और अधिक समृद्ध बनाना रहा। कार्यशाला में प्रशिक्षक के रूप में इं. पंकज कुमार विश्वकर्मा एवं इं. पवन कुमार सिन्हा ने इंटरनेट ऑफ थिंग्स की अवधारणा, इसके विभिन्न अनुप्रयोगों तथा तकनीकी शिक्षा में इसकी उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि आईओटी वर्तमान समय की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकों में से एक है, जिसके माध्यम से विभिन्न उपकरण इंटरनेट के जरिए एक-दूसरे से जुड़कर डेटा का आदान-प्रदान करते हैं। स्मार्ट सिटी, स्वास्थ्य सेवाएं, औद्योगिक स्वचालन, कृषि एवं परिवहन जैसे क्षेत्रों में इसका व्यापक उपयोग हो रहा है। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागी शिक्षकों को आईओटी की मूलभूत संरचना, सेंसर तकनीक, डेटा संचार और स्मार्ट उपकरणों के संचालन संबंधी व्यावहारिक जानकारियां भी प्रदान की गईं। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों का नवीनतम तकनीकों से अद्यतन रहना अत्यंत आवश्यक है, ताकि वे विद्यार्थियों को उद्योगों की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप बेहतर मार्गदर्शन दे सकें। इस अवसर पर डायरेक्टर अशोका डॉ. सारिका श्रीवास्तव, डीन एकेडमिक प्रो. एस.के. शर्मा तथा डीन (सीएसई) डॉ. एल.एस. मौर्य ने भी कार्यशाला में सहभागिता की। डॉ श्रीवास्तव ने इस मौके पर कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 के आवश्यकता अनुरूप इनोवेशन एंड डिजाइनिंग में शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए ये आयोजन हो रहा है। शिक्षकों के लिए इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नवाचार आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. अनुजा सिंह ने किया। कार्यशाला में अशोका इंस्टीट्यूट के विभिन्न विभागों के शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
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