आजमगढ़। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को भगवान श्रीराम कभी माफ नहीं करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर में दान सामग्री के कथित गायब होने के मामले में सरकार ने एसआईटी तो गठित की, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं किया कि जांच रिपोर्ट किसे सौंपी गई। उन्होंने कहा कि कार्रवाई केवल छोटे लोगों तक सीमित रही, जबकि बड़े जिम्मेदार लोगों तक जांच नहीं पहुंची। उक्त बातें शनिवार को पूर्व मंत्री चंद्रदेव राम यादव के आवास पर आयोजित वैवाहिक समारोह में शामिल होने पहुंचे अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान कही।अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अयोध्या के सबसे अधिक दौरे करने का रिकॉर्ड बनाया है, लेकिन उनका सूचना तंत्र इतना कमजोर है कि उन्हें राम मंदिर में कथित चंदा और दान सामग्री चोरी की जानकारी तक नहीं मिल सकी। उन्होंने कहा कि यदि राम मंदिर जैसी महत्वपूर्ण जगह पर यह स्थिति है तो प्रदेश के थानों, तहसीलों और अस्पतालों की हालत का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर है। अस्पतालों में मरीजों को दवाइयां नहीं मिल रही हैं, थानों और तहसीलों में लोगों को न्याय पाने के लिए भटकना पड़ रहा है। सरकार जनता को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में विफल रही है और इसका जवाब उसे जनता को देना होगा। सपा प्रमुख ने कहा कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं ने सोना, चांदी, हीरे-जवाहरात और अन्य कीमती वस्तुएं दान की थीं। उन दान सामग्रियों के कथित रूप से गायब होने का मामला केवल किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण से देश-दुनिया में सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति में आस्था रखने वाले लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। चुनावी मुद्दों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार वन नेशन, वन इलेक्शन की बात करती है, लेकिन समय पर पंचायत चुनाव तक नहीं करा पा रही है। यदि सरकार एक साथ चुनाव कराने की बात करती है तो स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में देरी क्यों हो रही है, इसका जवाब देना चाहिए। भाजपा की चुनावी जीतों का उल्लेख करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतंत्र को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह किसी को डरा नहीं रहे हैं, बल्कि मौजूदा परिस्थितियों के प्रति आगाह कर रहे हैं। यदि लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया गया तो भविष्य में लोगों के मतदान के अधिकार पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता भाजपा को जवाब देगी। समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर आजमगढ़ सहित पूरे उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों को गति दी जाएगी। किसानों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, विश्वस्तरीय सड़कें और हाईवे बनाए जाएंगे और रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे।उन्होंने कहा कि आजमगढ़ के बड़ी संख्या में लोग देश-विदेश के विभिन्न शहरों में रोजगार और कारोबार करते हैं। बाहर रहने वाले लोग विकसित क्षेत्रों और उत्तर प्रदेश के बीच का अंतर अच्छी तरह समझते हैं।
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