गाजीपुर। सुरेंद्र सिंह, मुख्य प्रबंध ट्रस्टी गायत्री शक्तिपीठ गाजीपुर ने बताया कि सावन का पावन परम पवित्र माह चल रहा है श्रावण माह में हर गृहस्थ को एक बार रुद्राभिषेक अवश्य कर लेना चाहिए ।
१:- शिवलिंग विश्व ब्रह्मांड का प्रतीक है सभी ग्रह नक्षत्र विश्व ब्रह्मांड के अंतर्गत ही आते हैं अतः रुद्राभिषेक करने से सभी ग्रह नक्षत्र अपनी प्रतिकूलता का परित्याग कर अनुकूल हो जाते हैं परिवार का दुख दुर्भाग्य दूर होकर सुख सौभाग्य का वातावरण बनने लगता है, शनि कंगाल नहीं ,निहाल करने लगते हैं, राहु केतु के द्वारा निर्मित कालसर्प दोष का भी समन हो जाता है ।
२:- शिवलिंग किसी देवी या देवता का मूर्ति नहीं है यह सृष्टि के मूल रहस्य का प्रतीक है लिंग का अर्थ है चिन्ह जिसमें सारा अस्तित्व समयाहुआ है, वह निराकार का आकार है और अदृश्य का दृश्य प्रतीक है शिवलिंग हमें याद दिलाता है कि सृष्टि का मूल प्रेम है संतुलन है और यही संतुलन परम सत्य है।
३:- रुद्राभिषेक एवं शिव आराधना द्वारा लड़के लड़कियों का विवाह का योग बनता है ,नौकरी एवं प्रमोशन का योग बनता है, संतान की प्राप्ति ,विद्यार्थियों में एकाग्रता विद्या बुद्धि में वृद्धि होती है, सुहागिन स्त्रियों को अखंड सौभाग्य, बेरोजगारों को रोजगार, दुकान मकान में संस बरकत, जिन्हें लौकिक वस्तुएं नहीं चाहिए उन्हें शिव भक्ति एवं मोक्ष की प्राप्ति होती है ।
४:- कालकूट जहर पीने के कारण शिव के शरीर में भयंकर जलन होने लगी, जलन को शांत करने हेतु जल, दूध, शहद आदि चढ़ाना हमारा नैतिक दायित्व है।
५:- शिवजी हमेशा वातावरण में व्याप्त अनिषटकारी शक्तियों से हमारी रक्षा करते रहते हैं अतः शिवाभिषेक करना हमारा नैतिक दायित्व है।
६:- भगवान शिव ने कालकूट जहर को पीकर सृष्टि को नष्ट होने से बचाया है इसीलिए भारत के छोटे से छोटे गांव या मजरे में शिव मंदिर अवश्य उपलब्ध है।
७:- रुद्राभिषेक तथा शिव आराधना के साथ-साथ हमारा चरित्र और चिंतन भी पवित्र होना चाहिए तभी उपरोक्त फल प्राप्त हो सकते हैं। अतः अपने सभी गायत्री परिजनों से अति आदर और विनम्रता पूर्वक अनुरोध है कि आधा सावन माह बीत चुका है आधा ही बाकी है आप सब अपना साहस और भक्ति जगाइए गायत्री शक्तिपीठ गाजीपुर पर गायत्री तथा शिव के महान साधक तथा उच्च कोटि के कर्म काण्डी जो भावार्थ सहित शानदार रुद्राभिषेक कराने में समर्थ हैं। वह भी पूर्णतया निशुल्क आप अपनी श्रद्धा अपनी भक्ति द्वारा जो भी रसीद कटवाते हैं उसी से संपन्न होता है इस स्वर्णिम अवसर को अपने हाथ से न जाने दें। आप सब सब साल भर अपनी बीमारी लाचारी परेशानी का रोना रोते रहते हैं और दुविधा जन्य मन स्थिति में पड़कर अवसर चूक जाते हैं। अतः अवसर मत चूकिए सावन माह में रुद्राभिषेक कराकर सुखी आनंदित जीवन का राजमार्ग प्राप्त करें। अगर अकेले नहीं कर सकते तो दो-चार आदमी मिलकर सामूहिक रूप से करा सकते हैं।
Purvanchal News जोड़े आपको पूर्वांचल से….