वाराणसी। भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर काशी हिंदू विश्वविद्यालय के मालवीय मूल्य अनुशीलन केन्द्र (Malaviya Centre for Ethics and Human Values) द्वारा 12 से 15 अगस्त 2026 तक “Rhythms of Bharat: Celebration of Freedom Culture and Unity” शीर्षक से चार दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य शैक्षणिक चर्चा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और छात्र प्रतियोगिताओं के माध्यम से भारत की समृद्ध सभ्यता और लोकतांत्रिक विरासत का उत्सव मनाना है। सभी कार्यक्रम मालवीय मूल्य अनुशीलन केन्द्र, बीएचयू के महामना सभागार में आयोजित होंगे। 12 अगस्त को प्रातः 10:30 बजे कार्यक्रम का उद्घाटन सत्र आयोजित होगा। इसका उद्घाटन बीएचयू के माननीय कुलपति एवं कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी करेंगे। कार्यक्रम की संयोजिका एवं केन्द्र की समन्वयक प्रो. सुतापा दास अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान करेंगी। इसके बाद : “Tribute to the Revolutionary Freedom Fighters: The Unsung Heroes of Bharat” विषय पर संगोष्ठी आयोजित होगी, जिसकी शुरुआत पूर्व कुलपति, बर्धमान विश्वविद्यालय के प्रो. स्मृति कुमार सरकार के मुख्य व्याख्यान से होगी। इसके बाद काजी नजरुल विश्वविद्यालय, आसनसोल के प्रो. अमिताव चटर्जी क्रांतिकारी व्यक्तित्वों पर अपना व्याख्यान देंगे। इस अवसर पर पूर्व राजनयिक मनजीव सिंह पुरी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे और अपने अनुभव साझा करेंगे। संगोष्ठी के संरक्षक एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण (DSW) प्रो. रंजन कुमार सिंह भी अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। अंत में वक्ताओं और श्रोताओं के बीच चर्चा होगी, जिसके बाद भोजन का आयोजन रहेगा। 13 अगस्त को दोपहर 1 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसकी शुरुआत संगीत प्रस्तुति से होगी, जिसमें शास्त्रीय और आधुनिक संगीत का सुंदर समन्वय देखने को मिलेगा, विशेष रूप से बांसुरी वादन आकर्षण का केंद्र रहेगा। इसके बाद राष्ट्रीय एकता पर आधारित नृत्य प्रस्तुति होगी। कार्यक्रम का समापन “विप्लवी वीर बाघा जतिन” नामक हिंदी नाटक से होगा, जिसमें महान क्रांतिकारी के जीवन और बलिदान को प्रस्तुत किया जाएगा। 14 अगस्त को दोपहर 1 बजे से छात्र-छात्राओं के लिए प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। इसमें “Nation Making” और “Horrors of Partition” विषयों पर भाषण और चित्रकला प्रतियोगिताएं होंगी। इनका उद्देश्य छात्रों में रचनात्मक सोच, अभिव्यक्ति और इतिहास के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ावा देना है। 15 अगस्त को प्रातः 11 बजे से स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम राष्ट्रीय ध्वज के ध्वजारोहण से शुरू होगा, जिसके बाद पुरस्कार वितरण किया जाएगा। अंत में केन्द्र की समन्वयक प्रो. सुतापा दास सभी को धन्यवाद देते हुए कार्यक्रम का समापन करेंगी।
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