लखनऊ। उद्योगोन्मुखी शिक्षा को सुदृढ़ करने तथा विद्यार्थियों की रोजगारपरक क्षमता (Employability) को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए लखनऊ विश्वविद्यालय एवं राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (नाइलिट), लखनऊ के मध्य आज एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। नाइलिट, भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अधीन एक स्वायत्त वैज्ञानिक संस्था है।
गरिमामयी उपस्थिति एवं हस्ताक्षरकर्ता
इस समझौता ज्ञापन पर नाइलिट लखनऊ के निदेशक डॉ. डी.के. मिश्रा तथा लखनऊ विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा द्वारा लखनऊ विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी की गरिमामयी उपस्थिति में औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए गए। इस विशेष अवसर पर प्रो. अनूप कुमार भारतीय (अध्यक्ष, प्लेसमेंट सेल), प्रो. गीतांजलि मिश्रा (निदेशक रैंकिंग), श्री रजनीश कुमार अस्थाना (अपर निदेशक, नाइलिट लखनऊ) तथा दोनों संस्थानों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
साझेदारी के मुख्य उद्देश्य एवं लाभ
रणनीतिक साझेदारी: इस सहयोग का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक उत्कृष्टता, कौशल विकास, संकाय विकास (Faculty Development) तथा उभरती हुई प्रौद्योगिकियों (Emerging Technologies) के क्षेत्रों में क्षमता निर्माण के लिए दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी स्थापित करना है।
NEP 2020 के अनुरूप पाठ्यक्रम: इस समझौता ज्ञापन के अंतर्गत नाइलिट के एनसीवीईटी (NCVET) अनुमोदित एवं एनएसक्यूएफ (NSQF) अनुरूप पाठ्यक्रम लखनऊ विश्वविद्यालय एवं उससे संबद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे।
कौशल संवर्धन: इन पाठ्यक्रमों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 तथा एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (ABC) के प्रावधानों के अनुरूप वैकल्पिक (Elective), मूल्य संवर्धित (Value Added) अथवा कौशल संवर्धन (Skill Enhancement) पाठ्यक्रमों के रूप में सम्मिलित किया जा सकेगा।
प्रो. जे.पी. सैनी, कुलपति (लखनऊ विश्वविद्यालय) ने कहा कि “यह सहयोग विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था में राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त कौशल आधारित कार्यक्रमों के समावेशन के माध्यम से विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता एवं डिजिटल दक्षताओं को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएगा। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप है तथा विद्यार्थियों को उद्योग एवं डिजिटल अर्थव्यवस्था की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करेगी।” डॉ. डी.के. मिश्रा, निदेशक (नाइलिट लखनऊ) ने कहा कि “यह साझेदारी उद्योगोन्मुखी डिजिटल शिक्षा एवं कौशल विकास को व्यापक स्तर पर उपलब्ध कराने के प्रति नाइलिट की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह सहयोग विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं शोधार्थियों के लिए नए अवसर सृजित करेगा तथा भविष्य के लिए सक्षम एवं दक्ष मानव संसाधन के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगा।” डॉ. भावना मिश्रा, कुलसचिव (लखनऊ विश्वविद्यालय) ने कहा कि “विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों को उन्नत अधिगम अवसर और व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। एनआईईएलआईटी के साथ यह साझेदारी विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों के लिए नए अवसर खोलेगी और नवाचार को बढ़ावा देगी।” यह समझौता ज्ञापन शिक्षा जगत एवं इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र की एक अग्रणी राष्ट्रीय संस्था के बीच सहयोग को नई दिशा प्रदान करने वाला महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा। साथ ही, यह दोनों संस्थानों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार तथा राष्ट्र निर्माण के प्रति साझा प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ करेगा।
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