वाराणसी। अशोका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट में डिजिटल युग में डेटा सुरक्षा और करियर की संभावनाओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से “डेटा प्राइवेसी इन प्रैक्टिस रिस्क, रेगुलेशन एंड करियर ऑपर्च्युनिटीज” विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य प्रशिक्षक सुरक्षा एवं डेटा प्राइवेसी विशेषज्ञ (टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज) लीजा बोरा रहीं। अपने संबोधन में लीजा बोरा ने कहा कि वर्तमान समय में डेटा किसी भी व्यक्ति, संस्था और देश के लिए एक महत्वपूर्ण संपत्ति बन चुका है। डिजिटल तकनीकों के बढ़ते उपयोग के साथ डेटा चोरी, साइबर हमलों और गोपनीयता से जुड़े जोखिम भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में डेटा प्राइवेसी और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय डेटा संरक्षण नियमों और विनियमों की जानकारी देते हुए बताया कि संस्थानों और कंपनियों के लिए डेटा सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य होता जा रहा है। पुट्टा स्वामी केस-2017 में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद डेटा प्राइवेसी अब आपका मूलभूत अधिकार है। डेटा प्राइवेसी केवल तकनीकी विषय नहीं है, बल्कि यह कानूनी, नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी से भी जुड़ा हुआ है। लीजा बोरा ने डेटा प्राइवेसी, साइबर सुरक्षा, जोखिम प्रबंधन और अनुपालन (कम्प्लायंस) जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध करियर अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आने वाले वर्षों में इन क्षेत्रों में प्रशिक्षित पेशेवरों की मांग तेजी से बढ़ेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इस अवसर पर डायरेक्टर अशोका डॉ. सारिका श्रीवास्तव ने कहाकि कोई भी ऑनलाइन सेवा जो फ्री हो या अकल्पनीय रूप से सस्ती हो तो वो ट्रैप हो सकता है ऐसे लुभावने ऑफर से सावधान रहना चाहिए और हर प्लेटफार्म पर अपना विवरण साझा नहीं करना चाहिए। इस मौके पर आए अतिथि को डीन (सीएसई) डॉ. एल.एस. मौर्य स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र दे कर सम्मानित किया गया। कार्यशाला संयोजन कार्यशाला इ. संदीप कुमार सिंह व इ. पंकज श्रीवास्तव व संचालन इ.रवींद्र कुमार शर्मा ने किया।
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