शिवकुमार
गाजीपुर। विधानसभा चुनाव 2027 में समाजवादी पार्टी का शीर्ष नेतृत्व एक बार फिर जिले में शिवकन्या कुशवाहा पर दांव लगाने के लिए मंथन कर रहा है। शीर्ष नेतृत्व अपने विश्वासपात्र कार्यकर्ताओं से फीडबैक भी ले रहा है। इस बात की जानकारी जिले में होते ही गाजीपुर की सियासत गरमा गयी है। शिवकन्या कुशवाहा समाजवादी पार्टी के जौनपुर सांसद बाबू सिंह कुशवाहा की धर्मपत्नी हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में मुलायम सिंह ने सीटिंग सांसद राधेमोहन सिंह का टिकट काटकर शिवकन्या कुशवाहा पर दांव लगाया था। भाजपा के प्रचंड लहर में भी शिवकन्या कुशवाहा ने जमकर लड़ाई लड़ी लेकिन 29 हजार के मतों से भाजपा प्रत्याशी मनोज सिन्हा से पराजित हो गयीं। इसके बाद शिवकन्या कुशवाहा वापस चलीं गयी और जन अधिकार पार्टी के माध्यम से पूरे पूर्वांचल में अपनी सक्रियता बनायी रखी। 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने सारे अटकलों को खारिज करते हुए जौनपुर लोकसभा से बाबू सिंह कुशवाहा को प्रत्याशी बनाया। बाबू सिंह कुशवाहा ने भी अखिलेश यादव के विश्वास को खत्म नही होने दिया और इस चुनाव में भाजपा और बसपा के दिग्गज प्रत्याशियों को धूल चटाते हुए प्रचंड जीत हासिल की। गाजीपुर जनपद में सबसे ज्यादा कुशवाहा मतदाता जमानियां, जंगीपुर, गाजीपुर, जहुराबाद, जखनियां और सैदपुर विधानसभा में हैं जो किसी भी परिणाम को उलटफेर करने में सक्षम हैं। वर्तमान में समाजवादी पार्टी के पांच विधायक जमानिया से ओमप्रकाश सिंह, मुहम्मदाबाद से मन्नू अंसारी, जंगीपुर से डा. वीरेंद्र यादव, सदर से जैकिशन साहू और सैदपुर से अंकित भारती विधायक हैं। शेष जहुराबाद और जखनियां विधानसभा की सीट सुभासपा के खाते में है। जखनियां सुरक्षित सीट है, अब एक मात्र जहुराबाद विधानसभा सीट है जिसपर समाजवादी पार्टी प्रत्याशी तलाश कर रही है। सूत्रों के अनुसार सपा सुप्रीमो हर हालत में जहुराबाद की सीट जीतना चाहते हैं इसीलिए इस सीट पर लगातार होमवर्क चल रहा है। शिवकन्या कुशवाहा का नाम गाजीपुर में आते ही समाजवादी पार्टी के मौर्यवंशी नेताओं सहित विपक्षी खेमे में भी काफी हलचल है।
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