गाजीपुर। अक्सर डॉक्टर और मरीज का रिश्ता इलाज तक ही सीमित रहता है, लेकिन गाजीपुर के एक डॉक्टर ने इस रिश्ते को इंसानियत और विश्वास की नई परिभाषा दी है। डॉक्टर के एक मरीज हैं अमन जी, जो जन्म से दिव्यांग हैं। इसके बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। अपनी मेहनत और हौसले के दम पर आज वो बिहार में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं और आत्मनिर्भरता की जीती-जागती मिसाल बने हुए हैं। अमन जी इन दिनों PCS परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। उनके जज्बे और संघर्ष को देखकर डॉक्टर साहब इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने इलाज की फीस को लेकर एक अनोखी शर्त रख दी।डॉक्टर ने अमन जी से कहा – “आप PCS परीक्षा उत्तीर्ण कीजिए, उसके बाद ही मैं आपसे इलाज की पूरी फीस, दवाइयों और जाँच का पैसा लूँगा। अगर आप पास नहीं हो पाए, तो आपका पूरा इलाज निःशुल्क रहेगा।”डॉक्टर का कहना है कि उनके लिए चिकित्सा केवल पेशा नहीं, बल्कि सेवा और मानवता का माध्यम है। अमन जी का आत्मविश्वास उन्हें हमेशा प्रेरित करता है।डॉक्टर की ये पहल सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग कह रहे हैं कि आज के दौर में जब हर चीज़ पैसे से तोली जाती है, ऐसे डॉक्टर ही समाज में इंसानियत को जिंदा रखे हुए हैं।
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