गाजीपुर। अपराध एवं अपराधियो के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में थाना साइबर क्राइम पर आवेदक मनीष कुशवाहा द्वारा पंजीकृत कराये गये मु0अ0सं0 -11/2026 धारा 318(4),336(3),338,340(2),61(2) बीएनएस व 66 सी, 66 डी आईटी एक्ट में नामजद अभियुक्त को गिरफ्तार करने हेतु टीम का गठन कर आवश्यक दिशा निर्देशित किया गया था। पुलिस अधीक्षक गाजीपुर के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक नगर (साइबर नोडल) व पुलिस उपाधीक्षक (साइबर अपराध) के कुशल पर्यवेक्षण में त्वरित कार्यवाही करते हुए सर्विलांस के माध्यम से तथा विवेचनात्मक कार्यवाही तथा गहनता से साक्ष्य संकलन की कार्यवाही करते हुए लंका मैदान के सामने फुल्लनपुर तिराहा गाजीपुर से 03 नफर अभियुक्तों को दिनांक 03.04.2026 को गिरफ्तार किया गया। जिनके विरूद्ध नियमानुसार आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि विभिन्न राज्यों के खाता धारकों को लालच देकर तथा बहला-फुसलाकर साइबर अपराधियों द्वारा उनके नाम से म्यूल (फर्जी) खाता खुलवाकर उनके खातों में साइबर अपराध (ट्रेडिंग ,गेमिंग व अन्य) से अर्जित धनराशि को मंगाया जाता है। साइबर अपराध करने वाले अपराधियो का काम अलग – अलग होता है । पहले इन लोगो द्वारा किसी ऐसे व्यक्ति से दोस्ती करते है जिसको कुछ पैसों की आवश्यकता होती है। उसके बाद उस व्यक्ति को बहला – फुसलाकर कुछ पैसो का लालच दिया जाता है। फिर इन लोगो द्वारा जिस व्यक्ति का खाता खुलवाना होता है उसका आधार कार्ड व पैन कार्ड व फोटो ले लेते है, फिर करेन्ट एकाउन्ट खोलने के लिए MSME (उद्योग) प्रमाण पत्र बनवाते है तथा GST न0 रजिस्टर्ड कराने के पश्चात बैंक में खाता खोलते है। तत्पश्चात इनके सिंडिकेट / गैंग में कार्य कर रहे अपराधियो द्वारा टेलीग्राम के माध्यम से खोले गये बैंक खातो का सभी जानकारी जैसे इन्टरनेट बैंकिंग का यूजर आईडी व पासवर्ड तथा बैंक में रजिस्टर्ड मेल आईडी व रजि0 मो0नं0 भेज दिया जाता है । इसके बाद टेलीग्राम के माध्यम से ही एपीके फाइल (CROWN SMS, WPAY DS, 2.3.2.4, व अन्य) भेजकर इन्स्टाल कराया जाता है जिससे की रजिस्टर्ड मो0न0 पर प्राप्त सभी प्रकार के ओटीपी व अन्य मैसेज सिंडिकेट / गैंग को स्वतः प्राप्त हो जाता है । टेलीग्राम पर संचालित (Crown Pay) कम्पनी तथा इनके साथ जुड़े साइबर अपराधियो द्वारा जरिये क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेफार्म जैसे Binance , KU-coin व अन्य प्लेटफार्म के जरिये पैसो का लेन देने किया जाता है। इसी प्रकार बेचे गये खाता में प्राप्त पैसो का कमिशन इनके द्वारा क्रिप्टो(USDT) में ही लिया जाता है। इस प्रकार के अपराध करने वाले प्रत्येक साइबर अपराधियो का क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफार्म पर आईडी होती है। गिरफ्तारशुदा साइबर अपराधियो का बरामद मोबाइल चेक किया गया तो देश के विभिन्न प्रदेश में लगभग 75 से अधिक एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज होना पाया गया तथा इन कम्पलेन में लगभग 67 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का कम्पलेन रजिस्टर्ड होना पाया गया। पूछताछ के दौरान इनके द्वारा बताया गया कि इनके पास 700 से अधिक म्यूल खाता का होना बताया गया तथा अभियुक्त सचिन सिंह द्वारा बताया गया कि उसके द्वारा साइबर अपराध से अर्जित लगभग 2.50 करोड़ रूपये अपने दिये गये म्यूल खातो से प्राप्त किया गया है तथा अभियुक्त रोहन द्वारा बताया गया कि उसके द्वारा साइबर अपराध से अर्जित लगभग 1.75 करोड़ रूपये अपने दिये गये म्यूल खातो से प्राप्त किया गया है। अपराध में दो दर्जन के करीब म्यूल खाता का उपयोग कर साइबर अपराध से अर्जित धनराशि मंगाया गया है। सभी कम्पलेनो का गहना से विश्लेषण कर अग्रिम कार्यवाही की जा रही है तथा इस सम्बंध में साइबर मुख्यालय लखनऊ तथा MHA I4C को भी रिपोर्ट प्रेषित की जायेगी।
नाम पता गिरफ्तारशुदा अभियुक्तगण –
1 .ऋषिराज पुत्र अच्छेलाल निवासी – जंगीपुर पोस्ट- सराय गोकुल थाना शादियाबाद, शिक्षा- पालिटेक्निक 2014 चन्दौली
2 . रोहन कुमार पुत्र ब्रह्मदेव खरवार निवासी- बरूइन जमानिया थाना जमानिया जनपद गाजीपुर, शिक्षा- बी.ए – 2017 उसके बाद DRDO दिल्ली में कान्ट्रेक्ट बेसिस पे काम कर चुका है
3 .सचिन सिंह पुत्र रामप्रवेश सिंह निवासी खैरपुर थाना करमा सोनभद्र, शिक्षा- B.SC A.G. से वर्ष 2022 में, M.SC
बरामदगी का विवरणः-
- 19 अदद सिम कार्ड
- 12 अदद एटीएम कार्ड
- 05 अदद विभिन्न बैंको का पासबुक
- 01 अदद चेक बुक
- 05 अदद मोबाइल फोन (कीमत लगभग 2 लाख)
- 01 अदद फर्म का मोहर
- जीएसटी व MSME सम्बंधित कागजात
नोटः- किसी भी प्रकार के आर्थिक अपराध होने पर तत्काल साइबर हेल्प लाइन 1930 पर कॉल कर विवरण नोट कराये तथा www.cybervrime.gov.in पर कम्पलेन दर्ज कराये।
- साइबर क्राइम थाना जनपद गाजीपुर मो0न0- 7839864020

Purvanchal News जोड़े आपको पूर्वांचल से….