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गाजीपुर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन की कार्यकारिणी बैठक संपन्न: 20 मई को राष्ट्रव्यापी दवा व्यापार बंद का ऐलान

गाजीपुर। आज स्थानीय राज मैरिज हॉल में गाजीपुर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन की एक महत्वपूर्ण कार्यकारिणी बैठक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता नागमणि मिश्र ने तथा संचालन बृजेश पाण्डेय ने किया ।बैठक में संगठन की एकजुटता प्रदर्शित करते हुए प्रमुख रूप से विरेंद्र नाथ यादव, मनोज कुशवाहा, जगदीश कुशवाहा, अभय प्रकाश,अतुल अग्रवाल, राघवेंद्र प्रताप सिंह, राजीव भारती, विपिन मिश्रा, मुकेश श्रीवास्तव, बृज किशोर, राकेश त्रिपाठी, राजेश राय, मनिंदर कुशवाहा, ज्योति भूषण एवं सुनील श्रीवास्तव उपस्थित रहे। बैठक मे संगठन के पदाधिकारियों ने केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा औषधि व्यापार की ज्वलंत समस्याओं की अनदेखी किए जाने पर गहरा रोष व्यक्त किया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि राष्ट्रीय संस्था ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD)  और आर्गेनाईजेशन ऑफ  केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट उत्तर प्रदेश (OCDUP) के आह्वान पर, गाजीपुर के समस्त केमिस्ट 20 मई 2026 को अपनी दुकानें बंद रखकर एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होंगे।

हड़ताल के मुख्य कारण एवं मांगें:

एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि बार-बार निवेदन के बावजूद 12 लाख 40 हजार केमिस्ट्स और उन पर आश्रित 5 करोड़ लोगों की आजीविका पर संकट बना हुआ है। मुख्य मुद्दे निम्नलिखित हैं:

  1. अवैध ई-फार्मेसी पर रोक: ऑनलाइन दवाओं की अनियंत्रित बिक्री और अधिसूचना GSR 817(E) को तत्काल वापस लेने की मांग।
  2. प्रिडेटरी प्राइसिंग (हिंसक मूल्य निर्धारण): बड़े कॉरपोरेट्स द्वारा भारी छूट देकर छोटे दुकानदारों को खत्म करने की साजिश पर अंकुश।
  3. पुरानी अधिसूचना की वापसी: कोविड-19 के दौरान जारी आपातकालीन अधिसूचना GSR 220(E) को रद्द करना, जिसका अब दुरुपयोग हो रहा है।

जनस्वास्थ्य पर मंडराता खतरा

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि दवा कोई साधारण वस्तु नहीं है। ई-फार्मेसी के कारण समाज में निम्नलिखित गंभीर जोखिम पैदा हो रहे हैं:

  • बिना वैध पर्चे के दवाओं की बिक्री।
  • नशीली और हैबिट फार्मिंग दवाओं की आसान उपलब्धता।
  • नकली दवाओं और गलत भंडारण का खतरा।
  • एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) का बढ़ता जोखिम।
  • फार्मासिस्ट और रोगी के बीच सीधे संवाद का अभाव।

सरकार से अपील

एसोसिएशन ने जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार को चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों पर त्वरित विचार नहीं किया गया, तो यह आंदोलन और उग्र होगा। संगठन ने मांग की है कि निष्पक्ष व्यापार सुनिश्चित करने और जनस्वास्थ्य की रक्षा हेतु सरकार प्रभावी नीतियां लागू करे। आज की बैठक में जनपद के प्रमुख पदाधिकारी एवं भारी संख्या में दवा विक्रेता उपस्थित रहे, जिन्होंने एकजुट होकर 20 मई की बंदी को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया।

 

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