वाराणसी। लखनऊ एसटीएफ ने पूर्वांचल में ओवरलोडेड ट्रकों को पास कराने के नाम पर हो रही वसूली गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में गाजीपुर आरटीओ में तैनात सिपाही विपिन यादव भी है। वह बलिया निवासी अपने साथियों को गिरोह में शामिल कर अफसरों के इशारे पर वसूली का गिरोह चलाता था। कोडवर्ड के जरिये पैसे लेकर ओवरलोड ट्रकों को पास कराता था। एसटीएफ को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि कुछ लोग परिवहन विभाग के कर्मचारियों का प्रभाव दिखाकर ओवरलोड ट्रकों को विभिन्न जिलों में पास कराने के नाम पर धन उगाही कर रहे हैं। एसटीएफ ने शुक्रवार रात लखनऊ के इकाना स्टेडियम के पास घेराबंदी कर कार से जा रहे सरगना विपिन कुमार यादव उर्फ पातू चौधरी को पकड़ लिया। उसके साथ मौजूद चालक को पूछताछ के बाद निर्दोष पाए जाने पर छोड़ दिया गया। विपिन आरटीओ गाजीपुर में आरक्षी है। वह मूलरूप से बलिया जिले के कपूरी नारायणपुर (फेफना) का रहने वाला है। उसका मकान वाराणसी के सारंग तालाब चौराहा के कुंति बिहार कॉलोनी में भी है। एसटीएफ ने उसे हिरासत में ले लिया। शुक्रवार रात ही टीम विपिन को लेकर वाराणसी-जौनपुर स्थित फूलपुर क्षे में पहुंची। यहां उसके गिरोह के सदस्य वसूली में लिप्त थे। एसटीएफ ने मौके से कार सवार बलिया के कपूरी निवासी आकाश चौधरी, प्रदीप गुप्ता उर्फ विक्की, सिकंदरपुर के खरीद निवासी राजा कुमार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन, चार कूटरचित परिचय पत्र, 42,500 रुपये नगद, मोबाइल चैट के स्क्रीनशॉट, दो कार बरामद हुआ। एसटीएफ लखनऊ ने फूलपुर थाने में केस दर्ज कराया। इसके बाद पुलिस ने शनिवार को कोर्ट में पेश करते हुए जेल भेज दिया। एसटीएफ की पूछताछ में मुख्य सरगना विपिन यादव ने बताया कि वह 2005 से परिवहन विभाग में आरक्षी के पद पर कार्यरत है और वर्तमान में गाजीपुर में तैनात है। बताया कि विभागीय अधिकारियों और अपने सहयोगियों के साथ मिलकर उसने एक गिरोह खड़ा किया था। विभाग में काम करते-करते उसकी गहरी पैठ हो चुकी है। अफसरों के इशारे पर ही उसने गिरोह खड़ा किया। इसके लिए बलिया समेत अन्य जगहों के अपने साथियों को इस गिरोह में शामिल किया। गिरोह के सदस्य वाराणसी, गाजीपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर समेत कई जिलों में सक्रिय हैं। बताया कि वसूली का बड़ा हिस्सा विभागीय अफसरों तक जाता है। विपिन ने पुलिस को बताया कि ट्रक मालिकों से प्रति वाहन लगभग तीन हजार रुपये इंट्री फीस वसूलते थे। बदले में उन्हें आरटीओ चेकिंग की लोकेशन और कार्रवाई से बचाने का आश्वासन दिया जाता था। जांच में सामने आया कि गिरोह ओवरलोड ट्रकों को अंडरलोड दिखाने, फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल करने और अवैध वसूली की रकम का बंटवारा करने का काम करता था। फूलपुर थाने में सरगना बलिया जिले के कपूरी नारायणपुर (फेफना) के मूल निवासी विपिन यादव, आकाश चौधरी, प्रदीप गुप्ता उर्फ विक्की, हृदय चौधरी, भोलानाथ चौधरी, दिनेश यादव, सतीश चौधरी, सिकंदरपुर के खरीद निवासी राजा कुमार, फेफना के पिंकू सिंह पर केस दर्ज है। अन्य आरोपियों सतीश चौधारी मुनीमजी, बुलबुल, सीबी सिंह, अशोक दुबे, रंजीत, बब्लू सिंह, दीपक, गुड्डू सिंह, सौरभ चौधारी, ललित सिंह का पता अज्ञात है।
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