गाजीपुर। पत्रकारिता के शलाका पुरुष यश भारती सम्मान से अलंकृत विजय कुमार जी की 95 वीं जयंती धूमधाम के साथ मनाई गई। प्रातः काल उनके आवास पर स्थापित मूर्ति पर माल्यार्पण व पुष्पार्चन किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि विजय कुमार जी उन परंपरा और उस युग को स्मरण कराते हैं जो मिशन, त्याग और तपस्या का युग रहा है। तपस्या कहने का तात्पर्य ऐसी भूमिका से है जो केवल आजीविका या नौकरी नहीं बल्कि उदात्त सामाजिक दायित्व के भाव से किए गए कार्य का पर्याय रहा है। साधारण से दिखने वाले विजय बाबू एक असाधारण व्यक्तित्व थे उन्होंने सादा जीवन उच्च विचार की प्राथमिकता के साथ पत्रकारिता की। उनकी कलम कभी बिकी नहीं, वह हम सबके आदर्श हैं। वह देश की आजादी के लिए भी विभिन्न आंदोलनों में सक्रिय रहे।उनका लंबा जीवन संघर्ष मय रहा।विजय बाबू पत्रकारिता के माध्यम से गरीब ,शोषित की आवाज उठाते रहे। उन्होंने पत्रकारिता मूल्यों के आधार पर किया और पूर्वांचल में नया आयाम दिया । विजय कुमार जी का पत्रकारिता के क्षेत्र में अवदान ऐतिहासिक है जिसको भुलाया नहीं जा सकता, उनका कृतित्व तथा गुण सर्वथा अनुकरणीय है। उन्होंने आंचलिक पत्रकारिता को शीर्ष पर पहुंचाया वे बंदनीय है। इस मौके पर पूर्व प्रवक्ता श्रीकांत पान्डेय,माधव कृष्ण , अमरनाथ तिवारी अमर, आनंद प्रकाश अग्रवाल, अनुपम आनंद श्रीवास्तव , सुख विलास, विजय शंकर राय, पत्रकार अनिल कुमार उपाध्याय, सत्यप्रकाश,अरुण कुमार राय , अशोक सिंह पप्पू, रमेश यादव,आदि ने अपने विचार व्यक्त किये। अन्य गणमान्य प्रधानाचार्य डॉ अरविंद,उदयकांत यादव, सत्यपाल सिंह , संतोष पाल, जितेंद्र मोहन कृष्ण, जयप्रकाश लाल श्रीवास्तव,एच एन एस यादव ,कृष्णा तिवारी , प्रमोद शर्मा ,अरविंद राय , पत्रकार शिवेंद्र पाठक , मृत्युंजय सिंह,राजेश यादव बुल्लू, प्रधानाचार्य हीरा लाल यादव, उदयप्रताप यादव,पत्रकार अभिषेक सिंह,अनिल यादव , सुजीत वर्मा, प्रेम सिंह,पंकज तिवारी, प्रमोद राय रून्नू , सुशीला देवी,माधुरी यादव, रिंकी,अरविन्द राय, प्रवीण गुप्ता, शिव कुमार सप्पू, सुधीर सिंह,जयप्रकाश, सुभाष चन्द्र गुप्ता,पी पी त्रिवेदी ,नीरज मानू, मयंक ,मनन ,महेंद्र यादव ,ओमप्रकाश आदि उपस्थित रहे। संचालन विजय कुमार स्मारक न्यास के सचिव डॉक्टर अरुण कुमार राय व आभार ज्ञापन अध्यक्ष संजय कुमार ने किया।
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