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जमानियां-बलुआ घाट रामलीला विवाद: प्राचीन समिति के अध्यक्ष समेत चार को जेल, पालिका अध्यक्ष के ट्रस्ट को मिली मंचन की अनुमति

गाजीपुर। जमानियां अंतर्गत प्रसिद्ध बलुआ घाट पर रामलीला आयोजन को लेकर चल रहा विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। बिना अनुमति आयोजन की तैयारी करने के आरोप में शनिवार देर रात गिरफ्तार किए गए प्राचीन रामलीला समिति के अध्यक्ष अरविंद वर्मा समेत चार प्रमुख सदस्यों की शांति भंग के मामले में जमानत याचिका खारिज हो गई। इसके बाद सभी को जिला जेल भेज दिया गया। वहीं दूसरी ओर, जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला द्वारा नगर पालिका अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता के ट्रस्ट को अनुमति दिए जाने के बाद रविवार देर शाम से रामलीला मंचन का रास्ता साफ हो गया है। मौके पर तनाव की आशंका को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। बलुआ घाट पर रामलीला मंचन को लेकर प्राचीन रामलीला समिति और पालिका अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता के ट्रस्ट के बीच लंबे समय से खींचतान चल रही थी। जिला प्रशासन द्वारा तथ्यों की पड़ताल के बाद ट्रस्ट के पक्ष में अनुमति जारी की गई। इससे नाराज प्राचीन रामलीला समिति के पदाधिकारियों ने शनिवार शाम घाट पर पहुंचकर हवन-पूजन और आयोजन की तैयारी शुरू कर दी। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करते हुए चार सदस्यों को हिरासत में ले लिया। रविवार को एसडीएम कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद समिति अध्यक्ष अरविंद वर्मा, गोविंद चौबे, नारायण दास चौरसिया और मुन्ना गुप्ता को जेल भेज दिया गया। जेल भेजे जाने से पूर्व समिति के अध्यक्ष अरविंद वर्मा, गोविंद चौबे, मुन्ना गुप्ता और नारायण दास चौरसिया ने पालिका अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 से पूर्व तक रामलीला की अनुमति समिति अध्यक्ष संतोष जालान के नाम से होती थी। उनके निधन के बाद मुनादी कराकर जिम्मेदारी जयप्रकाश गुप्ता को सौंपी गई थी। समिति का कहना है कि 2015 से 2023 तक अनुमति ‘श्री प्राचीन रामलीला समिति’ के नाम से ही ली जाती रही, लेकिन 2024-2025 में गुपचुप तरीके से ट्रस्ट के नाम पर अनुमति ले ली गई। चूंकि जयप्रकाश गुप्ता ही समिति के अध्यक्ष थे, इसलिए किसी को यह भनक नहीं लगी। जब समिति के नए पदाधिकारियों का चयन हुआ, तब इस ट्रस्ट का खुलासा हुआ और विवाद शुरू हुआ। प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र सिंह ने बताया कि शांति व्यवस्था बनाए रखने और बिना अनुमति आयोजन की कोशिश करने के आरोप में चार लोगों को पाबंद कर न्यायालय भेजा गया था, जहां से जमानत खारिज होने पर उन्हें जिला जेल भेज दिया गया है। फिलहाल बलुआ घाट पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल मुस्तैद है।

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