गाजीपुर। प्रदेश सरकार की पहल से यूसुफपुर मंडी में कृषि उपज के भंडारण, आवागमन और विपणन से जुड़ी सुविधाओं का व्यापक सुधार किया जाएगा। मंडी परिसर में तीन बड़े गोदामों की छतें बदलने के साथ आंतरिक सड़कों, दुकानों, जलनिकासी और पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा। इन कार्यों से किसानों एवं व्यापारियों को कृषि उपज के भंडारण और विपणन के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने यूसुफपुर मंडी में विकास एवं मरम्मत कार्यों के लिए 5 करोड़ 37 लाख 19 हजार रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इसके अंतर्गत मंडी की मौजूदा आधारभूत संरचनाओं के नवीनीकरण के साथ आवश्यक नई सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। स्वीकृत कार्यों में 500-500 मीट्रिक टन क्षमता के तीन गोदामों का नवीनीकरण प्रमुख है। इनकी कुल भंडारण क्षमता 1,500 मीट्रिक टन है। गोदामों की पुरानी एसी शीट के स्थान पर नई प्रोफाइल शीट लगाई जाएगी। इसके साथ ही गोदामों की आवश्यक मरम्मत एवं रंगाई-पुताई कराई जाएगी। इन कार्यों से कृषि उपज के भंडारण के लिए उपलब्ध मौजूदा संरचनाएं अधिक उपयोगी होंगी। मंडी परिसर के आंतरिक मार्गों की हॉटमिक्स पद्धति से मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इससे कृषि उपज लेकर आने वाले वाहनों के आवागमन में सुविधा होगी। मंडी में माल की आवक और निकासी से जुड़ी गतिविधियों के लिए बेहतर सड़क व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी। परियोजना के अंतर्गत श्सश् श्रेणी की 20 दुकानों, कार्यालय भवन एवं चहारदीवारी की मरम्मत तथा रंगाई-पुताई कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त मंडी परिसर में एक बैठक कक्ष का निर्माण भी स्वीकृत किया गया है। सचिव कार्यालय के चारों ओर तथा सड़क एवं नाली के मध्य आवश्यक विकास कार्य कराए जाएंगे। मंडी में जलनिकासी और जलापूर्ति सुविधाओं के सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। इसके अंतर्गत आंतरिक नालियों का निर्माण, जल भंडारण टैंकों तथा संबंधित पाइपलाइन के कार्य कराए जाएंगे। इन व्यवस्थाओं के सुदृढ़ होने से मंडी परिसर में पानी की उपलब्धता एवं निकासी की सुविधाएं बेहतर होंगी। प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप स्वीकृत इन कार्यों से यूसुफपुर मंडी की आधारभूत संरचना को मजबूती मिलेगी। गोदामों, सड़कों और दुकानों के नवीनीकरण के साथ जलनिकासी एवं पेयजल संबंधी कार्य पूर्ण होने पर किसानों और व्यापारियों को मंडी में कृषि उपज के विपणन के लिए अधिक सुव्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। मंडी परिषद के निदेशक श्री जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप मंडियों की आधारभूत सुविधाओं के विस्तार एवं आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। किसान जब अपनी उपज लेकर मंडी पहुंचे, तो उसे आवागमन, नीलामी, भंडारण और तौल जैसी आवश्यक सुविधाएं सुगमता से उपलब्ध हों। इसी दिशा में स्वीकृत विकास कार्यों को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध ढंग से पूरा कराया जाएगा।
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