गाजीपुर। विगत 10 वर्षों से डॉ डी पी सिंह द्वारा सेवाश्रम हॉस्पिटल गाज़ीपुर के माध्यम से नशामुक्त भारत अभियान हेतु जो सेवा समाज को दी गई जिसके लिए दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, लोधी गार्डन, दिल्ली के सभागार में हिमांचल प्रदेश के राज्यपाल कवीन्द्र गुप्ता के कर कमलों द्वारा डॉ डी पी सिंह को राष्ट्रीय नशामुक्ति सम्मान 2026 से सम्मानित किया गया। डॉ डी पी सिंह को गेस्ट ऑफ ऑनर से भी सम्मानित किया गया। इंडिया इंटरनेशनल सेंटर दिल्ली में नशामुक्ति पर राष्ट्रीय संगोष्ठी में राजधानी के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में काशियाना फाउंडेशन द्वारा “नशामुक्त भारत–विकसित भारत 2047 में युवाओं की भूमिका” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं “राष्ट्रीय नशामुक्ति सम्मान 2026” समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल श्री कविंदर गुप्ता रहे, अध्यक्षता भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू जी ने की। कार्यक्रम में काशियाना फाउंडेशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष सुमीत सिंह, मैक्स अस्पताल के निदेशक डॉ. पवन गुप्ता, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के बिजनेस डेवलपमेंट निदेशक डॉ. प्रमित कुमार गर्ग, संसद टीवी की वरिष्ठ पत्रकार एवं एंकर सुश्री प्रीति सिंह, द लीडर के प्रेसिडेंट अवनीश सिंह सहित विशिष्ट अतिथि नवीन बहमानिया, मानवेन्द्र एवं स्वदेश सिंह जी मौजूद रहे। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने कहा कि नशा आज समाज के सामने एक गंभीर चुनौती है और इसका सबसे अधिक असर युवा पीढ़ी पर पड़ रहा है। युवाओं को नशे से बचाने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि परिवार, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों और समाज के प्रत्येक वर्ग को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि देश की युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी ताकत है और युवाओं की ऊर्जा एवं प्रतिभा को शिक्षा, खेल, कौशल विकास, सामाजिक सेवा तथा राष्ट्र निर्माण की दिशा में लगाकर विकसित भारत के संकल्प को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने नशामुक्ति के क्षेत्र में कार्य कर रहे सामाजिक संगठनों एवं समाजसेवियों के प्रयासों की सराहना करते हुए नशे के खिलाफ जागरूकता को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। अध्यक्षीय संबोधन में श्री श्याम जाजू ने कहा कि नशामुक्ति केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा, युवा शक्ति और राष्ट्र निर्माण से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर नशामुक्ति, सामाजिक जागरूकता, युवा सशक्तिकरण एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए 23 लोगों को “राष्ट्रीय नशामुक्ति सम्मान 2026” से सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में डॉ. पवन गुप्ता, डॉ. डी.पी. सिंह, डॉ. आनंद प्रताप सिंह, डॉ. सोनल भाटिया, परविंदर बेदी, डॉ. किशोर नवान्दर, जतिंदर कुमार भाटिया, अगाथा सुशीला एंथनी डायस, प्रोफ़ेसर केके सिंह, प्रदीप राज, प्रदीप गोयल, इशफाक अहमद भट, डॉ. स्वाति त्यागी, बीर भद्र सिंह, प्रीति सिंह, प्रीतम सालवी, आशुतोष द्विवेदी, डॉ. प्रवेश, होलम्पिक कीशाम, डॉ. वागिशा गुप्ता, डॉ. नीरज कुमार सिंह, अंकित सिंह, हेमंत राजू एम. और गणेश दुबे शामिल रहे। संगोष्ठी में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों, युवा प्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि विकसित भारत 2047 की मजबूत नींव एक स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त युवा शक्ति से ही तैयार होगी।


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