गाजीपुर। शेरपुर कला गांव का प्राचीन बुढ़वा शिवाला श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, इस मंदिर की स्थापना तांत्रिक विधि से शव पर की गई थी। मंदिर के सुंदरीकरण का कार्य इन दिनों श्रद्धा, सहयोग और समर्पण के साथ आगे बढ़ रहा है। राकेश राय पुत्र नंदकिशोर राय का सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा है। अपने भाई की पुण्यतिथि पर कोलकाता से गांव पहुंचे राकेश राय का मंदिर परिसर में ग्रामीणों ने स्वागत एवं सम्मान किया। वहीं, इस पुनीत कार्य में राजीव राय पुत्र रमेश राय का समर्पण विशेष रूप से सराहनीय है। वे दिन-रात मंदिर को सुंदर और भव्य बनाने के बारे में सोचते रहते हैं। मंदिर के विकास के लिए धन जुटाने से लेकर श्रद्धालुओं को सहयोग के लिए प्रेरित करने तक, उनका निरंतर प्रयास प्रशंसनीय है। मंदिर के निर्माण एवं सुंदरीकरण में विनोद राय, अनिल राय, मास्टर साहब, डॉ. सुरेंद्र राय, बच्चन राय सहित अन्य लोगों का सहयोग और योगदान देने का आश्वासन सराहनीय है। सभी सहयोगियों की सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि सामूहिक प्रयासों से गांव की प्राचीन धार्मिक धरोहर को नया स्वरूप दिया जा सकता है। मंदिर का सुंदरीकरण अभी जारी है, लेकिन इसके बदलते स्वरूप से ग्रामीणों में उत्साह है। आशा है कि इसी तरह सहयोग और सद्भाव बना रहेगा तथा बुढ़वा शिवाला और भी भव्य एवं सुंदर बनेगा।
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