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गाजीपुर के लाल का पैरास्विमिंग चैंपियनशिप में कमाल, गोल्ड मेडल जीतकर बढ़ाया प्रदेश का मान

गाजीपुर। दृढ़ इच्छाशक्ति, निरंतर अभ्यास और अटूट आत्मविश्वास की मिसाल पेश करते हुए गाजीपुर जनपद के कासिमाबाद क्षेत्र अंतर्गत मिर्जापुर गांव के प्रतिभाशाली पैरा-स्विमर वैष्णव वर्धन सिंह ने बेंगलुरु में आयोजित 26वां सब-जूनियर नेशनल पैरा स्विमिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जनपद और प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित कर दिया है। आपको बता दें कि बीते 8 और 9 जून को बेंगलुरू में हुए फाइनल मुकाबले में वैष्णव ने शानदार टाइमिंग, बेहतरीन तकनीक और अद्भुत आत्मविश्वास के साथ 19 प्रदेशों से आए खिलाड़ियों को को पीछे छोड़ते हुए गोल्ड मेडल को अपने नाम किया। उनके इस प्रदर्शन को देखकर खेल विशेषज्ञों ने भी उनकी प्रतिभा की सराहना की है और इसे भविष्य के लिए एक मजबूत संकेत बताया है। इस सफलता के साथ ही शारीरिक चुनौतियों को पीछे छोड़ते हुए वैष्णव ने यह साबित कर दिया कि सफलता शरीर की सीमाओं से नहीं, बल्कि मन की ताकत और मेहनत से तय होती है। प्रतियोगिता में उनका प्रदर्शन शुरुआत से ही बेहद प्रभावशाली रहा। ट्रायल्स के कठिन चरणों में भी उन्होंने अपनी प्रतिभा और तकनीक का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया और राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में अपना लोहा मनवाया। वैष्णव की इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद उनके परिवार में जश्न का माहौल है। रक्षा मंत्रालय में विशेष कार्य अधिकारी के रूप में कार्यरत उनके पिता कर्नल अशोक कुमार सिंह, ने बेटे की सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए ईश्वर से उसके उज्जवल भविष्य की कामना की है। उनकी माता श्रुतिकिर्ती सिंह सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए दिव्यांग बच्चों के लिए कार्य करने वाली संस्था से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि वैष्णव की यह सफलता उसके अनुशासन, कठिन परिश्रम और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम है। परिवार के हर सदस्य ने उसके खेल करियर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वैष्णव वर्तमान में दिल्ली के प्रतिष्ठित संस्कृति स्कूल में कक्षा 6 के छात्र हैं। इतनी कम उम्र में उन्होंने स्विमिंग ही नहीं बल्कि स्केटिंग जैसे खेलों में भी राज्य स्तर पर कई मेडल जीतकर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया है। उनकी बड़ी बहन वैष्णवी भी उनके खेल जीवन में निरंतर प्रेरणा का स्रोत बनी रही हैं और हर प्रतियोगिता में उनका मनोबल बढ़ाने के लिए उनके साथ मौजूद रहती हैं। स्थानीय स्तर पर वैष्णव की इस उपलब्धि ने युवाओं में खेलों के प्रति नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया है। क्षेत्र के लोगों ने इसे गाजीपुर के लिए गौरव का क्षण बताया है और उम्मीद जताई है कि वैष्णव आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर देश का नाम और ऊंचा करेंगे। उनके कोच ने भी इस सफलता को एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए कहा कि वैष्णव में असाधारण क्षमता है और यह केवल शुरुआत है। यदि इसी तरह मेहनत और अनुशासन बना रहा, तो वह जल्द ही अंतरराष्ट्रीय पैरा स्विमिंग में भी भारत का परचम लहरा सकते हैं। गाजीपुर के इस होनहार खिलाड़ी की यह स्वर्णिम उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, मजबूत इरादों और निरंतर प्रयासों से हर लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है और हर सपना साकार किया जा सकता है।

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