गाजीपुर। यूनियन ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान गाजीपुर में कृषि उद्यमियों पशुपालन, मछली पालन, मल्टीलेयर खेती, व्यवसायिक खेती के साथ साथ रासायनिक खाद का उपयोग न कर जैविक खाद बनाने एवं जैविक खेती करने के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी गई, किसान अपने घर पर वर्मी कम्पोस्ट कैसे बनाए उसकी संपूर्ण विधि बताई गई और बनाकर दिखाया गया। वर्मी कम्पोस्ट रासायनिक कीटनाशकों को कम करते हैं और मिट्टी में प्राकृतिक संतुलन बनाते हैं। वर्मी कम्पोस्ट पौधों और कार्बनिक पदार्थों का विकास हार्मोन जड़ विकास को बढ़ाता है, जिससे पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है और फसल उत्पादकता बढ़ती है। यह भी बीज के अंकुरण को बढ़ाता है और पौधों को बाहरी तनावों से मजबूत करता है। डॉ सुजीत कुमार ने बताया कि रासायनिक खेती की अपेक्षा जैविक खेती से कम लागत में लगभग 5 गुना ज्यादा मुनाफा कमा सकते है। मौके पर निदेशक संजय सिंह, संकाय मुकेश श्रीवास्तव, कार्यालय सहायिका शिवांगी मौर्य और कृषि उद्यमियों प्रशिक्षु उपस्थित रहे।
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