आजमगढ़: समाजवादी पार्टी के एक कद्दावर नेता और आजमगढ़ जिले की निजामाबाद सीट से पांच बार विधायक रहे आलमबदी आजमी का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे आजमी ने अपने गृह जनपद आजमगढ़ में अंतिम सांस ली। आलमबदी आजमी को उनकी सादगी, ईमानदारी और जनसेवा के प्रति समर्पण के लिए जाना जाता था। उनके निधन की खबर से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में गहरा दुख व्याप्त है। उनके निधन की जानकारी उनके सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से दी गई। 16 मार्च 1936 को आजमगढ़ में जन्मे आलमबदी आजमी ने अपना जीवन सार्वजनिक सेवा के लिए समर्पित कर दिया था। उन्होंने 1953 में इस्लामिया कॉलेज, गोरखपुर से 12वीं की शिक्षा पूरी की और 1956 में टेक्निकल इंस्टीट्यूट, गोरखपुर से इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा प्राप्त किया। राजनीतिक जीवन की बात करें तो, आलमबदी आजमी ने 1996 से 2007 तक निजामाबाद विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान उन्होंने कई बार अपने प्रतिद्वंद्वियों को करारी शिकस्त दी, जिनमें अंगद यादव भी शामिल थे। उन्होंने निजामाबाद सीट से पांचवीं बार विधायक बनकर क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके परिवार में छह बच्चे हैं। आलमबदी आजमी के जनाजे की नमाज गुरुवार शाम 4 बजे जामियातुर रशाद में अदा की जाएगी, जहां उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। उनके निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। आलमबदी आजमी की तबीयत कुछ समय से खराब चल रही थी। उन्हें 13-14 अप्रैल 2026 को लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। आलमबदी आजमी का निधन उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति है। उनकी सादगी, ईमानदारी और जनसेवा के प्रति निष्ठा हमेशा याद रखी जाएगी। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आलम बदी आजमी के निधन पर दुख जताया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा- समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं आज़मगढ़ की निज़ामाबाद विधानसभा से लोकप्रिय विधायक जनाब आलम बदी साहब का इंतकाल, अत्यंत दुखद! दिवंगत आत्मा को शांति दें भगवान। शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहने का संबल प्राप्त हो। भावभीनी श्रद्धांजलि!
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