गाजीपुर। महर्षि विश्वामित्र स्वशासीय मेडिकल कालेज के असिसेंट प्रोफेसर डा. स्वतंत्र सिंह ने बताया कि आज के महँगाई के दौर में जब चीनी और मिठाइयाँ महँगी होती जा रही हैं, तो क्यों न इस बार रक्षाबंधन को थोड़ा अलग और प्रकृति के करीब मनाया जाए? क्यों न मिठाई की जगह तुलसी के पत्तों से रक्षाबंधन का संदेश दिया जाए? तुलसी हमारी भारतीय परंपरा और प्रकृति का अनमोल उपहार है। इस रक्षाबंधन पर भाई-बहन के पवित्र प्रेम के साथ स्वास्थ्य, प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का भी संकल्प लें। वैसे भी अत्यधिक चीनी का सेवन स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय हो सकता है। इसलिए इस बार संदेश हो “मिठास मिठाई में नहीं, रिश्तों में होनी चाहिए।” आइए, रक्षाबंधन को सादगी, संस्कार और प्रकृति के साथ मनाएँ। तुलसी का एक पत्ता—प्यार, स्वास्थ्य और हरियाली का संदेश।
Purvanchal News जोड़े आपको पूर्वांचल से….