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अशोका इंस्टीट्यूट वाराणसी में आयोजित दो दिवसीय ‘यू.पी.-सीड्स 2026’ का हुआ भव्य समापन

वाराणसी। अशोका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट में आयोजित दो दिवसीय ‘यू.पी.-सीड्स 2026’—उत्तर प्रदेश पूर्व क्षेत्र स्टार्टअप पारिस्थितिकी एवं उद्यमिता विकास शिखर सम्मेलन का शनिवार को भव्य समापन हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि भारतीय शिक्षा बोर्ड के कार्यकारी अध्यक्ष नागेंद्र प्रसाद सिंह, विशिष्ट अतिथि प्रो. के.एस. वर्मा, डायरेक्टर, आरईसी मिर्जापुर एवं आरईसी सोनभद्र तथा डॉ. वी.पी. सिंह, डीन, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, एसएआरईसी, मिर्जापुर रहे। मुख्य अतिथि नागेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि स्टार्टअप पारिस्थितिकी और उद्यमिता विकास तभी सार्थक होगा, जब वह भारतीय समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप हो। इसके लिए शिक्षा व्यवस्था को ऐसा स्वरूप देने की जरूरत है, जो कुशल कार्यबल तैयार करने के साथ विद्यार्थियों में प्रयोग, शोध और नवाचार की प्रवृत्ति विकसित करे। उन्होंने कहा कि दुनिया के विकसित देशों ने अपनी शिक्षा व्यवस्था को प्रयोगधर्मी, शोधपरक और नवाचारी बनाकर विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। देश की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है और इसके व्यापक लाभ समाज तक पहुंचाने में स्टार्टअप महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इस अवसर पर प्रो. के.एस. वर्मा ने कहाकि तकनीकि का क्षेत्र चुनौतीपूर्ण है। लेकिन यही क्षेत्र मानव जीवन में व्यापक परिवर्तन लाता है। छात्रों को स्टार्टअप कॉन्सेप्ट को धरातल पर लाने में कई प्रकार की कठनाईयां मिलेंगी लेकिन उससे घबराना नहीं है। दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में विद्यार्थियों ने उद्योगपतियों, व्यापारियों और चार्टर्ड अकाउंटेंट के समक्ष कुल 60 स्टार्टअप कॉन्सेप्ट प्रस्तुत किए। विशेषज्ञों ने इनमें से पांच श्रेष्ठ स्टार्टअप का चयन किया। एंजल इन्वेस्टर एवं धनकैपिटल वेंचर्स, बेंगलुरु के संस्थापक सीए धनंजय ओझा ने दो स्टार्टअप योजनाओं को 10 लाख रुपये के वित्तीय सहयोग की घोषणा की। विशिष्ट अतिथि डॉ. मनु के. वोरा, चेयरमैन एवं प्रेसिडेंट, बिजनेस एक्सीलेंस इंक., अमेरिका ने आभासी माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि नवाचार और उद्यमिता की सफलता के लिए नए विचारों के साथ उत्कृष्ट कार्य संस्कृति और नेतृत्व क्षमता विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी सोच को व्यावहारिक नवाचार में बदलने का आह्वान किया। डॉ. वी.पी. सिंह, डीन, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, एसएआरईसी, मिर्जापुर ने भी अपने विचार रखे। अतिथियों का स्वागत डायरेक्टर अशोका डॉ. सारिका श्रीवास्तव ने अंगवस्त्र, स्मृतिचिह्न और पौध भेंट कर किया। विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र और ट्रॉफी प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस अवसर पर डायरेक्टर अशोका ने चयनित स्टार्टअप कॉन्सेप्ट के पेटेंट फाइल कराने की घोषणा कर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। अनिलाभ अग्रवाल, परियोजना प्रबंधक (स्टार्टअप), आईआईटी बीएचयू, डीन अकादमिक डॉ. एस.के. शर्मा, डीन सीएसई डॉ. एल.एस. मौर्या, कार्यक्रम संयोजक डॉ. अपर्णा सिंह व इ.सज्जाद अली, इ. मणिकांत शर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। संचालन डॉ. रोशनी जायसवाल व डॉ. सारिका सिंह और धन्यवाद ज्ञापन इ. एस.एन. सिंह ने किया।

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