गाजीपुर। अति प्राचीन श्री रामलीला कमेटी हरिशंकरी के तत्वावधान में बुधवार 21 अक्टूबर की देररात भरत मिलाप का भव्य एवं भावपूर्ण आयोजन किया गया। शाम छह बजे हरिशंकरी स्थित श्रीराम सिंहासन से भरत जी की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में भरत, शत्रुघ्न और गुरु वशिष्ठ रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण करते हुए सकलेनाबाद पहुंचे। महाजन टोली, झुन्नू लाल चौराहा, आमघाट, राजकीय महिला महाविद्यालय, ददरी घाट चौक और महुआबाग चौराहे से होते हुए शोभायात्रा देर रात सकलेनाबाद पहुंची, जहां रात्रि करीब एक बजे भरत मिलाप का कार्यक्रम संपन्न हुआ। प्रभु श्रीराम और उनके भाइयों के मिलन का दृश्य देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। पूरा मेला स्थल जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। रामलीला के प्रसंग के अनुसार, लंका पर विजय प्राप्त कर रावण का वध करने के बाद प्रभु श्रीराम माता सीता, महाराज विभीषण, सुग्रीव, जामवंत और हनुमान जी के साथ पुष्पक विमान से अयोध्या के लिए प्रस्थान करते हैं। मार्ग में वे भारद्वाज मुनि के आश्रम पर विश्राम करते हैं। इसी दौरान प्रभु श्रीराम अपने प्रिय भक्त हनुमान जी को ब्राह्मण का वेश धारण कर अयोध्या जाने और भरत जी को उनके आगमन का संदेश देने की आज्ञा देते हैं। प्रभु की आज्ञा पाकर हनुमान जी अयोध्या पहुंचते हैं और भरत जी को श्रीराम के सकुशल लौटने तथा लंका विजय का समाचार सुनाते हैं। हनुमान जी से प्रभु श्रीराम के आगमन की सूचना मिलते ही भरत जी की प्रसन्नता का ठिकाना नहीं रहता। वे तत्काल पूरे राज्य में श्रीराम के लौटने का संदेश भिजवाते हैं। सूचना मिलते ही अयोध्या में उत्सव का माहौल बन जाता है। नगर को ध्वज-पताकाओं से सजाया जाता है और जगह-जगह दीप प्रज्ज्वलित किए जाते हैं। प्रभु श्रीराम के आगमन की सूचना पाकर गुरु वशिष्ठ, भरत और शत्रुघ्न सहित नगरवासी उनसे मिलने के लिए निकल पड़ते हैं। मिलन के प्रसंग में भरत और शत्रुघ्न प्रभु श्रीराम के चरणों में नतमस्तक होते हैं। श्रीराम दोनों भाइयों को उठाकर हृदय से लगा लेते हैं। चारों भाइयों के इस स्नेहपूर्ण मिलन को देखकर उपस्थित श्रद्धालु भावुक हो उठते हैं। भाई-भाई के प्रेम, त्याग और समर्पण का यह दृश्य रामलीला का प्रमुख आकर्षण बना। श्रद्धालुओं के जय श्रीराम के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, संयुक्त मंत्री लक्ष्मी नारायण, उपमंत्री लव कुमार त्रिवेदी, मेला प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी, मेला प्रबंधक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष बाबू रोहित अग्रवाल, जिला शासकीय अधिवक्ता अजय पाठक, ओमप्रकाश पांडेय, राजेश प्रसाद और कृष्णांश त्रिवेदी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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