वाराणसी। अशोका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा गुरुवार को वर्चुअल रियलिटी (VR) विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के मुख्य प्रशिक्षक आई.एक्स.आर. लैब्स (iXR Labs) के इं.निखिल यादव ने छात्रों को वर्चुअल रियलिटी उपकरणों के प्रयोग, उनकी कार्यप्रणाली तथा इंजीनियरिंग एवं विज्ञान शिक्षा में उनके बढ़ते महत्व से अवगत कराया। इं. निखिल यादव ने बताया कि आई.एक्स.आर. लैब्स विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के साथ मिलकर इंजीनियरिंग एवं विज्ञान की पढ़ाई के लिए अत्याधुनिक वर्चुअल रियलिटी मॉड्यूल विकसित करता है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में प्रयोगशालाओं से जुड़ी कई चुनौतियाँ हैं। महंगे उपकरण, सीमित लैब स्लॉट और व्यावहारिक प्रशिक्षण के अभाव के कारण छात्र केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक ही सीमित रह जाते हैं। वर्चुअल रियलिटी मॉड्यूल इन समस्याओं का प्रभावी समाधान प्रस्तुत करते हैं। इनके माध्यम से प्रत्येक छात्र को आवश्यक उपकरणों, प्रयोगों और वास्तविक औद्योगिक वातावरण का अनुभव प्राप्त होता है। साथ ही, इनसे प्राप्त एनालिटिक्स फैकल्टी को विद्यार्थियों की प्रगति का बेहतर मूल्यांकन करने में भी सहायता प्रदान करते हैं। इस अवसर पर अशोका इंस्टीट्यूट की डायरेक्टर डॉ. सारिका श्रीवास्तव एवं प्रो. यू.के.बनर्जी ने अतिथि इं.निखिल यादव को अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन तान्या शर्मा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन विभागाध्यक्ष इं.राजीव मिश्रा ने प्रस्तुत किया। कार्यशाला में डॉ. अश्वनी सोनकर, इं.अनुज कुमार, इं.शुभम कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं छात्र उपस्थित रहे।

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