गाजीपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वाधान मे देवकली ब्रहम स्थल परिसर मे गुरु दक्षिणा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जॊनपुर विभाग के बॊध्दिक शिक्षण प्रमुख मनोज कुमार ने कहा राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ दुनियां का सबसे बङा स्वंय सेवी संगठन हॆ जो पूरे विश्व मे विभिन्न संगठन के रूप मे निःस्वार्थ भाव से किसी भी देवी आपदा मे मदद करता हॆ।संघ की स्थापना संघ के प्रथम सरसंघ चालक डा० केशव बलिराम राव हेडगेवार ने सन 1925 मे विजयादशमी के दिन नागपुर के मोहतेबाङा में 5 स्वंय सेवकों को संगठित करके किया तथा गुरु के रूप मे भगवा ध्वज को स्वीकार किया । भगवा रंग त्याग तपस्या और बलिदान का प्रतीक है और यह भारतीय इतिहास के कई महत्वपूर्ण क्षणो से जुडा हुआ है। शिवाजी, गुरु गोविंद सिंह और 1857 के स्वाधीनता संग्राम की क्रांतिकारियो ने भी केसरिया झंडे का उपयोग किया था जो हिंदुत्व के पुनर्जागरण का प्रतीक है। श्री सिंह ने कहा अपने खोये गॊरव को हासिल करने के लिए एक जूट होना आवश्यक हॆ।इस देश मे जन्म लेने वाला प्रत्येक ब्यक्ति भारतीय हॆ भारत माता की संतान हॆ ।संघ किसी धर्म,जाति,प्रांत,भाषा,ऊंच,नीच मे विश्वास नही करता हॆ।संघ न तो चंदा लेता है, न तो दान और न ही किसी संस्था या सरकार से अनुदान प्राप्त करता है।गुरु दक्षिणा से मिले धन से ही संघ अपना खर्च पूरे वर्ष चलाते हुए बचे हुए धन से कमजोर व पीङित लोगो की सहायता करता हॆ। इस अवसर पर सतेन्द्र सिंह फॆलू सिंह , राजेश जायसवाल,विशाल वर्मा , पवन वर्मा , तेरसू यादव , नरेन्द्र कुमार मॊर्य,प्रभुनाथ पाण्डेय ,रामनरेश मॊर्य,अरविन्द शर्मा,अर्जुन पाण्डेय,रामविभूति शर्मा, त्रिलोकी गुप्ता,दिनेश चन्द्र वर्नवाल,सोनू तिवारी,अशोक कुशवाहा,विजय विन्द,मुखलाल मॊर्य सहित काफी संख्या मे स्वंय सेवक मॊजूद थे।अध्यक्षता सॆदपुर जिला सह कार्यवाह मुकेश जी ने किया।
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