लखनऊ। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर के प्रबंधन अध्ययन विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन इमर्जिंग एंड सस्टेनेबल प्रैक्टिसेज इन मैनेजमेंट-2026 का शनिवार को समापन हो गया। 21 और 22 अगस्त को आयोजित इस दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं, तथा प्रबंधन क्षेत्र के पेशेवरों की सहभागिता रही।सम्मेलन के प्रथम प्लेनरी सेशन को संबोधित करते हुए आई आई एम अहमदाबाद के प्रो अंकुर सिन्हा ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) केवल तकनीकी विकास का माध्यम नहीं है, बल्कि जटिल सामाजिक समस्याओं को समझने और बेहतर निर्णय लेने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने बताया कि समाज में स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, यातायात और संसाधनों के वितरण जैसी अनेक समस्याएं एक-दूसरे से जुड़ी होती हैं, इसलिए इनके समाधान के लिए उपलब्ध आंकड़ों का सही विश्लेषण और वैज्ञानिक तरीके से निर्णय लेना आवश्यक है। AI की मदद से बड़ी मात्रा में उपलब्ध सामाजिक आंकड़ों को समझकर समस्याओं की पहचान, भविष्य की परिस्थितियों का अनुमान और अधिक प्रभावी नीतियां बनाने में सहायता मिल सकती है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि AI का उपयोग केवल तकनीकी दक्षता तक सीमित न रहकर समाज के व्यापक हित, मानवीय मूल्यों, पारदर्शिता और जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए।दूसरे प्लेनरी सेशन को संबोधित करते हुए इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, बी एच यू के निदेशक प्रो आशीष बाजपेयी कहा कि आज के समय में विकास के साथ पर्यावरण और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संस्थानों और व्यवसायों को ऐसे प्रबंधन तरीकों को अपनाना चाहिए, जिनसे संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग हो, अपव्यय कम हो और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव घटे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि टिकाऊ प्रबंधन केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि कर्मचारियों, समाज और भविष्य की पीढ़ियों के हितों को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक और संतुलित विकास सुनिश्चित करने का माध्यम है।सम्मेलन के तीसरे प्लेनरी सेशन को संबोधित करते हुए वाणिज्य एवं व्यवसाय प्रशासन संकाय, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रो. असीम कुमार मुखर्जी ने कहा कि सतत विकास को प्रभावी बनाने के लिए प्रबंधन में दीर्घकालिक सोच और जिम्मेदार निर्णय लेने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि किसी भी संगठन की सफलता केवल आर्थिक लाभ से नहीं मापी जानी चाहिए, बल्कि उसके सामाजिक और पर्यावरणीय प्रभाव को भी महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने प्रबंधकों से संसाधनों के बेहतर उपयोग, नवाचार, सामाजिक उत्तरदायित्व और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील नीतियों को अपनाने का आह्वान किया, ताकि विकास और प्रकृति के बीच संतुलन कायम रखा जा सके।दो दिनों तक चले सम्मेलन के दौरान चार तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया। तकनीकी सत्रों के दौरान कुल 98 शोध पत्र प्रस्तुत किये गये जिनमें देश के 15 राज्यों और 10 देशों यथा ओमान, मलेशिया, यू एस ए आदि देशों के शोधकर्ताओं द्वारा प्रतिभाग किया गया। दो दिवसीय सम्मेलन के समापन समारोह के दौरान इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, बी एच यू के निदेशक प्रो. आशीष बाजपेई मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे जबकि वाणिज्य एवं व्यवसाय प्रशासन संकाय, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रो. असीम कुमार मुखर्जी विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में शामिल हुए। समापन सत्र की अध्यक्षता अधिष्ठाता संकाय मामले प्रो वी के गिरी ने की। समापन समारोह में विभागाध्यक्ष प्रो एल बी प्रसाद ने मुख्य अतिथि सहित समस्त अतिथियों का अभिनंदन किया। डॉ. अंजलि सिंह द्वारा सम्मेलन की गतिविधियों एवं उपलब्धियों की चर्चा करते हुए सम्मेलन की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी। अधिष्ठाता संकाय मामले प्रो वी के गिरि ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में आयोजकों को एक अत्यंत प्रासंगिक विषय पर सम्मेलन कराने के लिये प्रशंसा की। उन्होंने सम्मेलन की उपलब्धियों की सराहना करते हुए शोध एवं अकादमिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। समापन सत्र में समस्त प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र वितरित किये गये। प्रत्येक सत्र में प्रस्तुत सर्वश्रेष्ठ शोध पत्रों को पुरस्कृत किया गया, जोकि निम्न हैं: – तकनीकी सत्र-1: अंदुअलम गेजेग्न एवं सैयद मोहम्मद असगर ताहिर, प्रबंधन विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय — “भारतीय उद्यमों में फर्म के प्रदर्शन के प्रेरक के रूप में डिजिटल एडॉप्शन एवं ग्रीन इकोनॉमी प्रैक्टिसेज”तकनीकी सत्र-2: प्रशांत सिंह, पुत्रा बिजनेस स्कूल, सेलांगोर, मलेशिया — “भारतीय स्टार्टअप्स के सतत प्रदर्शन में ग्रीन कैपेबिलिटीज की भूमिका”तकनीकी सत्र-3: मोहन के. यादव, मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर — “प्रसार भारती में ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट”तकनीकी सत्र-4: प्रो. के. एस. सेक्सारिया, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग, अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज एंड रिसर्च, नागपुर, महाराष्ट्र — “सस्टेनेबल मार्केटिंग में एआई ट्रांसपेरेंसी”समापन समारोह के अंत में सम्मेलन के समन्वयक डॉ. उग्रसेन द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया। समारोह का समापन राष्ट्रीय गान के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. प्रशांत त्रिपाठी, डॉ. बिजेंद्र कुमार पुष्कर, डॉ. प्रियंका राय, डॉ. भारती शुक्ला, डॉ. जावेद आलम, डॉ. सोनिया भट्ट, डॉ. कल्पना सिंह, डॉ. मनीषा सिंह, डॉ. पूनम ओझा, डॉ. इंदल कुमार, डॉ. विवस्वान सिंह एवं सचिन श्रीवास्तव विभाग के शोधार्थी, विद्यार्थी एवं सम्मेलन के प्रतिभागी उपस्थित रहे।
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