वाराणसी। अशोका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट में इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (आईआईसी) ने AITM फाउंडेशन फॉर इनक्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (एएफआईई) के सहयोग से स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन (एसआईएच) 2025 के लिए इंटरनल हैकाथॉन का आयोजन किया। इसमें प्रथम वर्ष से अंतिम वर्ष तक की 50 से अधिक छात्र टीमों ने भाग लेते हुए वास्तविक जीवन की समस्याओं के तकनीकी समाधान प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने नवाचार, तकनीकी दक्षता और समस्या समाधान की क्षमता का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में टीम ‘प्रलय-फोर्स’ ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। एआइएमल तृतीय वर्ष की युसरा अख्तर, आंचल यादव, मुस्कान, अंशु मौर्य और ग्रेसी सिंह की टीम ने प्रलय-एक्स प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया। यह एआई आधारित प्रेडिक्टिव डिजास्टर रिस्पॉन्स प्लेटफॉर्म है, जिसमें कंप्यूटर विजन और डिजिटल ट्विन तकनीक का उपयोग किया गया है। प्लेटफॉर्म आपदा के विस्तार का आकलन, सुरक्षित निकासी के लिए मार्ग निर्धारण और आपात संसाधनों के वितरण में सहायता करता है। टीम ‘जेरवन’ ने दूसरा स्थान हासिल किया। तान्या त्रिपाठी, रिदम गुप्ता, रिफत इस्लाम, विवेक विश्वकर्मा, रुद्रांशु और आयुष गुप्ता की टीम ने प्रोजेक्ट एइजीआईएस प्रस्तुत किया, जो पर्यटक स्थलों पर भीड़ की सुरक्षा के लिए ऑटोनॉमस एआई सर्विलांस ड्रोन की अवधारणा पर आधारित है। तीसरे स्थान पर टीम ‘टेकडिकोडेड’ रही। आरुषि सिंह, हेमंत कुमार गौतम, राहुल यादव, निखिल शर्मा और प्रीतम सोनकर ने प्रोजेक्ट प्रोजेक्ट ट्रैप प्रस्तुत किया। यह ऑफलाइन फसल रोग पहचानने वाला ऑटोनॉमस एग्रीकल्चरल रोवर है। इस अवसर डायरेक्टर अशोका डॉ सारिका सिंह, डीन सीएससी डॉ एल.एस.मौर्य आईआईसी प्रेसिडेंट इ.सज्जाद अली और कन्वेनर इ.एस.एन.सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे। आयोजकों ने सभी प्रतिभागी टीमों को उनके नवाचार और उद्यमिता की भावना के लिए बधाई दी।
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