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शाह फ़ैज़ पब्लिक स्कूल गाजीपुर में संस्थापिका मैडम सईदा फ़ैज़ की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा एवं हिंदी दिवस का हुआ आयोजन

गाज़ीपुर। शाह फ़ैज़ पब्लिक स्कूल, गाज़ीपुर में सोमवार को विद्यालय की संस्थापिका स्वर्गीय मैडम सईदा फ़ैज़ की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा तथा हिंदी दिवस का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की प्रार्थना सभा से हुई, जिसमें विद्यार्थियों द्वारा हिंदी भाषा के रोचक तथ्य, सुविचार, कविताएँ एवं प्रेरणादायक प्रस्तुतियाँ दी गईं। इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक डॉ. नदीम अधमी ने मैडम सईदा फ़ैज़ को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए विशेष प्रार्थना एवं प्रतिज्ञा  कराया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को उनके समर्पित योगदान के लिए निदेशक महोदय द्वारा भेंट प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके पश्चात मैडम सईदा फ़ैज़ की स्मृति में एक शोक सभा आयोजित की गई, जिसमें उनके व्यक्तित्व, कृतित्व एवं शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए अमूल्य योगदान को याद किया गया। सभा में लव कुश पांडेय, शमशेर बहादुर सिंह, मजहर हुसैन, निदेशक डॉ. नदीम अधमी, निदेशिका डॉ. मीना अधमी, मैनेजर अतिया अधमी, प्रधानाचार्य इकरामुल हक, उपप्रधानाचार्य हनीफ अहमद सिद्दीकी, समन्वयक अंजली श्रीवास्तव, शिक्षकगण तथा विद्यालय के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे। अपने संबोधन में निदेशक डॉ. नदीम अधमी ने मैडम सईदा फ़ैज़ के संघर्षपूर्ण जीवन, शिक्षा के प्रति उनके समर्पण तथा विद्यालय को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में उनके योगदान का उल्लेख करते हुए उनकी अनेक उपलब्धियों को साझा किया। वहीं निदेशिका डॉ. मीना अधमी ने मैडम फ़ैज़ के पारिवारिक जीवन, सामाजिक सरोकारों तथा उनके प्रेरणादायी व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रधानाचार्य इकरामुल हक ने मैडम फ़ैज़ के साथ बिताए विद्यालय जीवन के अनुभवों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनसे उन्होंने एक महत्वपूर्ण शिक्षा प्राप्त की है—किसी की कमजोरी को सबके सामने नहीं बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैडम फ़ैज़ सदैव दूसरों की गरिमा और सम्मान का ध्यान रखती थीं तथा उनका यह व्यवहार सभी के लिए प्रेरणादायी है। इस अवसर पर वक्ता लव कुश पांडेय ने कहा कि शाह फ़ैज़ पब्लिक स्कूल मैडम सईदा फ़ैज़ की तपस्थली रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी दूरदर्शी सोच और शिक्षा के प्रति समर्पण आज भी विद्यालय के प्रत्येक कोने में जीवंत है। उन्होंने विद्यालय की इस गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाने के लिए विद्यालय प्रबंधन को बधाई देते हुए कहा कि “शरीर नश्वर है, किंतु महान व्यक्तित्वों की आत्मा और उनके आदर्श सदैव अमर रहते हैं।” कार्यक्रम के सामाजिक सरोकार को आगे बढ़ाते हुए विद्यालय परिवार द्वारा गाज़ीपुर के विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद लोगों के बीच राशन सामग्री का वितरण भी किया गया। इस मानवीय पहल की उपस्थित लोगों ने सराहना की तथा इसे मैडम सईदा फ़ैज़ की सेवा एवं परोपकार की भावना को सच्ची श्रद्धांजलि बताया। पूरे कार्यक्रम का वातावरण श्रद्धा, सम्मान और प्रेरणा से परिपूर्ण रहा तथा सभी उपस्थित लोगों ने मैडम सईदा फ़ैज़ के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

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