Breaking News

सर्वोदय मंडल गाजीपुर के तत्‍वावधान में आयोजित हुआ जहां पड़े गांधी के क़दम उनके वह माटी बनी महान कार्यक्रम

गाजीपुर। गाँधी ज्यन्ती 02 अक्तूबर  के अवसर पर महात्मा गांधी के गाजीपुर आगमन की 97 वीं वर्षगांठ के अवसर पर उत्तर प्रदेश सर्वोदय मंडल गाजीपुर द्वारा “जहाँ पड़े गाँधी के क़दम” जहां पड़े क़दम उनके वह माटी बनी महान ,आज चलो फिर ढूंढे उन्हीं क़दमों के निशान से गाँधी स्मरण सभा का आयोजन किया गया जिसमें गाजीपुर की विभिन्न संस्थाओं के प्रबन्धकों , स्नातकोत्तर महाविद्यालय गाज़ीपुर के सेवानिवृत्त प्रोफेसर परम आदरणीय डा० श्रीकांत पाण्डेय व डा० रामनारायण तिवारी, सतीशचन्द डिग्री कालेज बलिया के डा० जय प्रकाश कुशवाहा , प्रिसीडियम इंटरनेशनल स्कूल के प्रबन्धक माधवकृष्ण ने मुख्य रूप से भागीदारी किया और सभा को सम्बोधित किया । साहित्य चेतना समाज के संस्थापक अमरनाथ तिवारी , कवि व शिक्षक नागेश कुमार मिश्रा व वरिष्ठ गाँधीवादी ईश्वरचंद आदि ने भी अपने विचार रखे । संविधान चेतना केंद्र, बिन्दवलिया गाजीपुर सभागार को गाँधी के विचारों, सिद्धांतों व आदर्शों को समाज में प्रतिस्थापित करने का सौभाग्य मिला। इस अवसर पर उनके महान कार्यों को याद करते हुए माधव कृष्ण ने सत्य, अहिंसा, त्याग बलिदान, ग्राम स्वराज, स्वावलंबन की नीतियों को आज के संदर्भ से जोड़ते हुए स्मरण सभा को उसके शिखर तक पहुंचा दिया । उन्होंने कहा कि गांधी एक ऐसा निराला व्यक्तित्व है जो विषम परिस्थितियों में भी समाज के समावेशन के विचार का परित्याग नहीं करता । स्नातकोत्तर महाविद्यालय गाज़ीपुर अंग्रेजी विभाग के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डाॅ० रामनारायण तिवारी ने गाधी को लोकनायक बताया तथा सार्वजनिक जीवन में सत्य के साथ उनके प्रयोग को लोक संस्कृति से प्रेरित बताया । सतीश डिग्री कॉलेज बलिया डॉ० जयप्रकाश कुशवाहा ने गाँधी के आदर्शों की व्यवहारिकता और उनके वंचित समुदाय की पीड़ा मुक्ती संघर्षों के अवदान को अभूतपूर्व बताया । इस अवसर पर साहित्य चेतना समाज के संस्थापक अमरनाथ तिवारी, कवि नागेश कुमार मिश्रा ,संतोष कुमार श्रीवास्तव और अन्य कवियों ने अवसर व ओज की कविता सुनाकर श्रोताओ को मुग्ध कर दिया । यहां आयोजित स्मरण सभा में गांधी के विचारों को याद किया गया और गाजीपुर से जुड़े अक्तूबर 1929 के दौरान उनके ऐतिहासिक प्रवास को याद किया गया । वरिष्ठ सर्वोदयी ईश्वर चंद्र ने कहा कि गांधी की स्वीकार्यता और प्रासंगिकता पूरी दुनिया में है और उनकी विरासत को जन-जन तक पहुंचाने की जिम्मेदारी समाज की है । उत्तर प्रदेश सर्वोदय मंडल गाजीपुर मंत्री काजी फरीद आलम ने कहा की गांधी जी के कदमों के निशान केवल स्थान तक सीमित नहीं है जहां वे गए, बल्कि उनके पद चिन्ह उनके विचारों , आदर्शों और सिद्धांतों में है जिन्हें समाज को आत्मसात करने की आवश्यकता है । स्मरण सभा की अध्यक्षता कर रहे स्नातकोत्तर महाविद्यालय गाज़ीपुर अर्थशास्त्र विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ० श्रीकांत पांडे ने गहराई से गांधी के विचारों को वर्तमान संदर्भ से जोड़ते हुए कार्यक्रम से जुड़े नौजवानों को एक नई दिशा और गांधी को नए संदर्भ में समझाने का प्रयास किया , समाजसेवी काजी फरीद आलम ने विषय प्रवर्तन और संचालक नेहरू युवा केन्द्र के सेवानिवृत्त लेखाकार सुभाष चंद्र प्रजापति जी ने किया । इस अवसर पर शहर कांग्रेस कमेटी के अय्यूब खान, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के ईश्वरलाल, कैलाश कुशवाहा, गंगासागर कुशवाहा, हनुमान यादव , सुभाष चंद्र, नैयर समदानी, और बहुत से स्त्री-पुरुष के साथ नगर के गणमान्य लोग मौजूद रहे ।

Image 1 Image 1

Check Also

गाजीपुर: श्री चित्रगुप्त वार्षिक पूजा 10 नवंबर को, मंदिर परिसर में तैयारियों को लेकर बैठक सम्‍पन्‍न

गाजीपुर। श्री चित्रगुप्त मंदिर परिसर में आयोजित पूर्व निर्धारित बैठक में विद्वान ब्राह्मण योगेश दुबे …