लखनऊ। उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा और औद्योगिक क्षेत्र के मध्य सुदृढ़ समन्वय स्थापित करने तथा युवाओं को वैश्विक औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की गरिमामयी उपस्थिति में लखनऊ विश्वविद्यालय और राज्य सरकार की निवेश संवर्धन एजेंसी ‘इन्वेस्ट यूपी’ (Invest UP) के मध्य एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) हस्ताक्षरित हुआ। इस समझौते पर लखनऊ विश्वविद्यालय की ओर से माननीय कुलपति प्रो. जे. पी. सैनी ने हस्ताक्षर किए।उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य को $1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रिक वाहन, ऑटो-कंपोनेंट, नवीकरणीय ऊर्जा, आईटी/आईटीईएस, जीसीसी, फार्मास्यूटिकल्स, फूड प्रोसेसिंग और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में आ रहे निवेश को देखते हुए दक्ष तकनीकी प्रतिभा की सतत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह रणनीतिक साझेदारी की गई है।
साझेदारी के प्रमुख स्तंभ एवं कार्ययोजना:
- टैलेंट मैपिंग एवं पाठ्यक्रम पुनर्गठन: इन्वेस्ट यूपी राज्य में आने वाले और विस्तार कर रहे निवेशों के आधार पर सेक्टर-वार और जिला-वार आवश्यक मैनपॉवर का अनुमानित डेटा साझा करेगा। इसके आधार पर विश्वविद्यालय अपने पाठ्यक्रमों, इलेक्टिव्स और स्किल मॉड्यूल्स को अद्यतन करेगा तथा नए स्पेशलाइजेशन ट्रैक्स व इंडस्ट्री-समर्थित सर्टिफिकेशन शुरू करेगा। साथ ही पाठ्यक्रमों में लाइव प्रोजेक्ट्स व केस स्टडीज शामिल किए जाएंगे।
- सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस (CoE) की स्थापना: दोनों संस्थान आपसी सहमति और संसाधनों के आधार पर अत्याधुनिक ‘सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस’ की संयुक्त स्थापना करेंगे। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व डेटा साइंस, सेमीकंडक्टर डिजाइन एवं वीएलएसआई (VLSI), इलेक्ट्रिक व्हीकल व बैटरी टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग (Industry 4.0) तथा सौर व नवीकरणीय ऊर्जा प्रमुख होंगे।
- इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप एवं कैंपस प्लेसमेंट: राज्य में निवेश करने वाले औद्योगिक घरानों के सहयोग से विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं के लिए विशेष कैंपस रिक्रूटमेंट ड्राइव, इंटर्नशिप पाइपलाइन और इंडस्ट्री-स्पॉन्सर्ड अंतिम वर्ष के प्रोजेक्ट्स का संचालन किया जाएगा।
- संयुक्त अनुसंधान, नवाचार एवं पेटेंट: राज्य में कार्यरत निवेशकों की व्यावहारिक समस्याओं के समाधान हेतु उद्योग-वित्तपोषित अनुसंधान, संयुक्त पेटेंट विकास, बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) और हैकथॉन जैसी पहलों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
- फैकल्टी एवं इंडस्ट्री इमर्शन: उद्योग जगत के विशेषज्ञों को एडजंकट या विजिटिंग फैकल्टी के रूप में जोड़ा जाएगा और शिक्षकों के लिए औद्योगिक प्रतिष्ठानों में एक्सपोजर प्रोग्राम संचालित किए जाएंगे।
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