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लखनऊ विश्वविद्यालय की शताब्दी परंपरा, सांस्कृतिक मूल्यों और अकादमिक गरिमा से जुड़ेंगे महाविद्यालयों के छात्र-छात्राएं

लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी ने विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी महाविद्यालयों के लिए एक अत्यंत प्रेरणादायी और महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किया है। कुलपति महोदय ने निर्देश देते हुए कहा कि संबद्ध महाविद्यालयों में आयोजित होने वाली किसी भी औपचारिक शैक्षणिक, बौद्धिक एवं सांस्कृतिक गतिविधि के शुभारंभ अवसर पर लखनऊ विश्वविद्यालय के सुप्रसिद्ध ‘कुलगीत’ (University Anthem) का सस्वर वादन/गायन कराया जाना अपेक्षित रहेगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य मुख्य परिसर और संबद्ध महाविद्यालयों के बीच अकादमिक व सांस्कृतिक एकात्मता स्थापित करना तथा विद्यार्थियों में संस्थागत गौरव की भावना का संचार करना है।

संबद्ध महाविद्यालय विश्वविद्यालय परिवार के अभिन्न अंग:

कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी ने कहा कि लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, लखीमपुर खीरी और रायबरेली जनपदों में फैले समस्त संबद्ध महाविद्यालय लखनऊ विश्वविद्यालय परिवार के अभिन्न अंग हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि महाविद्यालयों में वर्ष भर आयोजित होने वाले राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सेमीनार, कार्यशालाएं, दीक्षा एवं सम्मान समारोह, वार्षिकोत्सव, नवागत विद्यार्थियों के दीक्षारंभ (Induction) कार्यक्रम तथा युवा महोत्सव जैसी गतिविधियों के प्रारंभ में कुलगीत बजाया जाना चाहिए। इससे दूरदराज के क्षेत्रों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं में भी यह भाव जागृत होगा कि वे एक शताब्दी से अधिक प्राचीन, नैक A++ मान्यता प्राप्त गौरवशाली विश्वविद्यालयी व्यवस्था का हिस्सा हैं। कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी ने कहा कि “कुलगीत किसी भी विश्वविद्यालय की आत्मा, उसके ऐतिहासिक संघर्ष, ज्ञान परंपरा और सामूहिक चेतना का संगीतमय प्रतीक होता है। लखनऊ विश्वविद्यालय का कुलगीत हमारी समृद्ध विरासत और राष्ट्र-निर्माण के संकल्पों को अभिव्यक्त करता है। संबद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और कर्मियों को इस गौरवमयी परंपरा से भावनात्मक रूप से जोड़ना हमारी प्राथमिकता है। अतः सभी संबद्ध महाविद्यालयों से यह अपेक्षित है कि वे अपने प्रत्येक शैक्षणिक व सांस्कृतिक आयोजन का आरंभ लखनऊ विश्वविद्यालय के अधिकृत कुलगीत के गरिमामयी गायन अथवा वादन के साथ सुनिश्चित करें। यह व्यवस्था विद्यार्थियों में अनुशासन, सांस्कृतिक चेतना और अपने संस्थान के प्रति आदरभाव को और अधिक प्रगाढ़ बनाएगी।”

 कुलगीत की अधिकृत ऑडियो-वीडियो प्रति पोर्टल पर उपलब्ध:

विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सभी महाविद्यालयों की सुविधा के लिए कुलगीत की उच्च गुणवत्ता वाली अधिकृत ऑडियो एवं वीडियो फाइल विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट तथा कॉलेज लॉगिन पोर्टल पर उपलब्ध कराई जा रही है। महाविद्यालय प्रबंधन व प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है कि वे आयोजनों के दौरान कुलगीत की गरिमा और मर्यादा का पूर्ण ध्यान रखें। नियमानुसार कार्यक्रम के आरंभ में कुलगीत और अंत में राष्ट्रगान का गायन संस्थागत प्रोटोकॉल के अनुरूप संपन्न किया जाना अपेक्षित रहेगा। विश्वविद्यालय के इस निर्णय का शिक्षक समुदाय और प्राचार्यों ने स्वागत किया है और इसे संबद्ध महाविद्यालयों को मुख्य धारा से जोड़ने वाला एक ऐतिहासिक कदम बताया है।

 

 

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