लखनऊ। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के 11वें दीक्षांत समारोह के उपलक्ष्य में आयोजित सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत शुक्रवार को विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र में “माँ-बेटी सम्मेलन” पहल के तहत छात्राओं के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 100 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान छात्राओं के हीमोग्लोबिन, ब्लड ग्रुप, ब्लड शुगर तथा ब्लड प्रेशर (बीपी) की निःशुल्क जांच की गई। स्वास्थ्य परीक्षण विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा दल एवं पैथकाइंड लैब, गोरखपुर के सहयोग से संपन्न हुआ। शिविर का शुभारंभ विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि किसी भी छात्रा के शैक्षणिक, व्यावसायिक और व्यक्तिगत विकास का सबसे महत्वपूर्ण आधार उसका अच्छा स्वास्थ्य है। यदि छात्राएं शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहेंगी तो वे शिक्षा, शोध और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के समग्र स्वास्थ्य और कल्याण को भी समान प्राथमिकता देता है। कुलपति ने बताया कि इस स्वास्थ्य जांच की रिपोर्ट पर आगामी 5 अगस्त, 2026 को आयोजित होने वाले विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर विशेष रूप से आयोजित “माँ-बेटी सम्मेलन” में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा संबंधित छात्राओं एवं उनकी आमंत्रित माताओं के साथ विस्तार से चर्चा की जाएगी। इस दौरान आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श, पोषण संबंधी सुझाव तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के बारे में मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल छात्राओं और उनकी माताओं के बीच स्वास्थ्य संबंधी संवाद को बढ़ावा देने के साथ-साथ परिवार स्तर पर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। महिला कल्याण एवं उत्पीड़न विरोधी प्रकोष्ठ की अध्यक्षा एवं कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मीनू ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, एनीमिया सहित अन्य संभावित स्वास्थ्य समस्याओं की समय रहते पहचान करना तथा उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि नियमित स्वास्थ्य परीक्षण गंभीर बीमारियों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विश्वविद्यालय की चिकित्सा अधिकारी डॉ. रीना बंका ने छात्राओं से संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने, नियमित व्यायाम करने, पर्याप्त नींद लेने तथा समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराते रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर अनेक बीमारियों से बचाव संभव है। कार्यक्रम का संचालन महिला कल्याण एवं उत्पीड़न विरोधी प्रकोष्ठ की सदस्य सचिव डॉ. प्रियंका राय के समन्वय में हुआ। आयोजन में प्रकोष्ठ की सदस्य डॉ. पूजा लोहिया, डॉ. ज्योति एवं डॉ. भारती शुक्ला का विशेष सहयोग रहा। इस अवसर पर प्रो. बी. के. पाण्डेय, कुलसचिव सी. पी. प्रियदर्शी, डॉ. ए. के. पाण्डेय सहित विश्वविद्यालय के चिकित्सकीय एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
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