लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित आठ दिवसीय ‘दीक्षोत्सव-2026’ के दूसरे दिन सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों का उत्साह चरम पर रहा। कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ विशिष्ट अतिथियों एवं निर्णायक मंडल के आत्मीय स्वागत व सम्मान के साथ हुआ। स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए सांस्कृतिकी के निदेशक प्रोफेसर अंचल श्रीवास्तव ने पधारे सभी अतिथिगण, निर्णायक मंडल के सम्मानित सदस्यों और प्रतिभागी छात्र-छात्राओं का सहृदय स्वागत किया। दीक्षोत्सव-2026 के दूसरे दिन कुल तीन प्रमुख प्रतियोगिताओं—कविता लेखन, भाषण प्रतियोगिता और तत्क्षणवाक् (Extempore) का सफल आयोजन किया गया। इसके अतिरिक्त, सांस्कृतिकी एवं हिंदी विभाग के संयुक्त तत्वाधान में एक भव्य ‘कवि सम्मेलन’ का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं की काव्य प्रतिभा और उत्साह देखने योग्य था।
तीन प्रमुख प्रतियोगिताओं का विवरण:
- कविता लेखन प्रतियोगिता:
‘राष्ट्रप्रेम’ विषय पर आयोजित इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने देशभक्ति और राष्ट्रीय चेतना से ओत-प्रोत रचनाएँ प्रस्तुत कीं। इसमें अवराम, उदय सिंह राजपूत, शुभिका शुक्ला, आकाश मिश्रा, नंदिता मिश्रा, प्रशस्त शुक्ला, आदेश श्रीवास्तव, सुहाना अली, याशी साहू, हर्ष मिश्रा, मारिया जुबेर, अर्पिता शुक्ला, एकता सिंह, क्षितिज गौतम, अश्मिता सक्सेना, असीम मिश्रा, आर्या सिंह, आशीष कुमार, शालिनी मेहरोत्रा, रिचा मेहरोत्रा, मुस्कान पांडे, अनंत मिश्रा, संध्या शर्मा, अदिति शुक्ला, स्वप्निल सिंह, बबिता वर्मा, अमर कांत शर्मा, शुमैला, प्रज्ञा शुक्ला सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
- भाषण प्रतियोगिता:
भाषण प्रतियोगिता का मुख्य विषय ‘मानसिक स्वास्थ्य: आधुनिक समाज की छिपी महामारी और हमारा सामाजिक दायित्व’ (Mental Health: Epidemic of Modern Society and our Social Responsibility) रखा गया। इस समसामयिक विषय पर विद्यार्थियों ने अपने सारगर्भित एवं प्रभावशाली विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में आरुषि सिंह, अंकिता, राचेल फैरेल, वैष्णवी तिवारी, मुस्कान पांडे, नरेन्द्र यादव, रजनीश तिवारी, विशेष राज श्रीवास्तव, सीमा यादव, तनू वर्मा, पलक श्रीवास्तव, अवंतिका सिंह, स्नेहा गुप्ता, संध्या शर्मा, बुशरा हसीन, अद्विका सिंह, श्रेयम मिश्रा, कैफ मोहम्मद, बबिता वर्मा, विभव शुक्ला, मनीषा जोशी, गौरी सिंह, सान्या सिंह, पुष्कर त्रिपाठी, ग्रेसी सिंह, पुनीत यादव, अमर कांत शर्मा, प्रांशी अग्रवाल, कवल जीत कौर वालिया, स्नेहा अवस्थी, ओम मिश्रा, प्रज्ञा शुक्ला, प्रांजल पाठक, हसन वारिस वारसी, शिवांग मौर्य, सोनाक्षी तिवारी, अनमोल तिवारी, अपर्णा यादव, तनिष्का सिंह, अनुराग चंद्र द्विवेदी, मेघा सिंह, सिद्धिमा चतुर्वेदी, दिव्यांशू यादव, अनंत मिश्रा, सुधांशु तिवारी, राजीव रंजन तिवारी, वंश मौर्य, आकृति सिंह, किरण कुमारी, इशिता यादव, जुगुल किशोर पांडे, अनुराग द्विवेदी, यशवर्धन पटेल, भव्या चौबे, धण्या पांडे, नितेश्वर शर्मा, अभिजात वर्धन श्रीवास्तव, महिमा रावत, वैभव विक्रम सिंह, प्रेज़ सिंह, सौभाग्य शंकर बाजपेयी, सूरज सिंह, स्वप्निल सिंह, अंशुमान शिवम सिंह, मोहित मौर्य, शिवम यादव एवं आकांक्षा भारती आदि ने अपनी वाक्पटुता का प्रदर्शन किया।
- तत्क्षणवाक् (Extempore) प्रतियोगिता:
तत्क्षणवाक् प्रतियोगिता में विद्यार्थियों को ऑन-द-स्पॉट विषय दिए गए, जिनमें ‘Can AI improve governance?’, ‘Should AI be allowed in education?’, ‘Renewable energy is India’s future’, ‘Can technology solve environmental problems?’, ‘Climate change: Individual or government responsibility?’, ‘The role of youth in strengthening democracy’, ‘Should India have simultaneous elections?’ तथा ‘Globalization: Opportunity or Challenge?’ जैसे वैश्विक एवं राष्ट्रीय मुद्दे शामिल रहे। इस प्रतियोगिता में राशी द्विवेदी, शालिनी मेहरोत्रा, रजनीश तिवारी, अवंतिका सिंह, शिवांग मौर्य, अनन्या शर्मा, सोनाक्षी तिवारी, दीपेश गुप्ता, प्रियंका, रुचिता दीक्षित, खुशी, गौरी सिंह, अनुष्का गुप्ता, वैष्णवी तिवारी, महफूज़ अली, वैष्णवी त्रिपाठी, अदिति शुक्ला, पलक श्रीवास्तव, अश्मिता सक्सेना, सान्या सिंह, विशेष राज श्रीवास्तव, संध्या शर्मा, ओम मिश्रा, स्नेहा गुप्ता, प्रांजल पाठक, अभिजात वर्धन श्रीवास्तव, आशुतोष सिंह, मुस्कान पांडे, सौभाग्य शंकर बाजपेयी, अनमोल तिवारी, ग्रेसी सिंह, मेघा सिंह, अनुराग चंद्र द्विवेदी, अमर कांत शर्मा, किरण कुमारी, नरेन्द्र यादव, अंकिता, राचेल फैरेल समेत कई अभ्यर्थियों ने अपनी त्वरित सोच और अभिव्यक्ति क्षमता का परिचय दिया। विश्वविद्यालय के कुलपति ने अपने शुभकामना संदेश में विद्यार्थियों के इस उत्साह की सराहना की और निरंतर ऐसी प्रतियोगिताओं के आयोजन पर बल दिया। संस्करतिकी की निदेशक अञ्चल श्रीवास्तव यह भी सुझाव दिया कि मनोविज्ञान विभाग के अलावा अन्य विभागों में भी मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों पर सह-पाठ्यक्रम (co-curricular course) शुरू किया जा सकता है, तथा भविष्य में इस विषय पर पुनः प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। निर्णायक मंडल की सदस्य प्रो. बबिता जायसवाल ने सभी प्रतिभागियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि हम सभी को मिलकर अपने परिसर को सदैव सहृदय, सकारात्मक एवं खुशहाल बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए। निर्णायक डॉ. विपिन पांडेय ने छात्रों को विश्वविद्यालय परिसर में संचालित ‘हैप्पी थिंकिंग लैब’ (Happy Thinking Lab) एवं ‘करियर गाइडेंस सेल’ (Career Guidance Cell) के संबंध में विस्तृत जानकारी दी, जो विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और मार्गदर्शन के लिए निरंतर कार्यरत हैं। वहीं डॉ. अंश ने तत्क्षण वाक् की बारीकियों और प्रस्तुतिकरण की कला (nuances) से छात्रों को परिचित कराया। उल्लेखनीय है कि दीक्षोत्सव-2026 की सभी 13 प्रतियोगिताओं के परिणामों की आधिकारिक घोषणा उत्सव के समापन अवसर (30 जुलाई) पर की जाएगी। कार्यक्रम का समापन मुख्य छात्र समन्वयक द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करने तथा उपस्थित जनसमूह द्वारा राष्ट्रगान के ससम्मान गायन के साथ हुआ।
Purvanchal News जोड़े आपको पूर्वांचल से….