Breaking News

गायत्री शक्तिपीठ गाजीपुर वैदिक रीति से करायेगा पितृपक्ष में श्राद्ध-तर्पण- सुरेंद्र सिंह

गाजीपुर। सुरेन्द्र सिंह मुख्य प्रबन्ध ट्रस्टी गायत्री परिवार ट्रस्ट, गाजीपुर ने बताया कि 26-9-26 को पूर्णिमा तिथि पड़ रही है और दिनांक 27-9-26 को आश्विन कृष्णपक्ष प्रतिपदा पड़ रही है। दिनांक 10-10-26 को पितृ मोक्ष अमावस्या पड़ रही है। अतः दिनांक 26-9-26 से 10-10-26 तक 16 दिनों तक पावन पितृ पक्ष पड़ रहा है। पितृ पक्ष में अपने पितरों की शांति-मुक्ति-तृप्ति हेतु प्रार्थना युक्त, श्रद्धा-युक्त श्राद्ध-तर्पण करने एवं उनसे उऋण होने का स्वर्णिम अवसर प्राप्त होता है। मनुष्य मात्र पर तीन तरह के ऋण होते हैं। श्राद्ध क्रिया द्वारा पितृऋण, यज्ञ से देवऋण और श्रेष्ठ आचार, विचार और व्यवहार द्वारा ऋषि ऋण से मुक्त हुआ जाता है। पितृ पक्ष में पितरों का श्राद्ध-तर्पण करने से, पितरों को नमन करने, आभार और कृतज्ञता व्यक्त करने, क्षमा माँगने, आशीष प्राप्त करने का स्वर्णिम अवसर प्राप्त होता है। पितर हमें दिखाई तो देते नहीं हैं, पर हम सदैव उनकी नज़र में होते हैं। ऐसे लाखों उदाहरण हैं, पक्का विश्वास है। पितरों के प्रति किया गया श्राद्ध-तर्पण निष्फल नहीं जाता है, उदाहरण के लिए अगर आप अपने किसी परिजन को मनीआर्डर भेजते हैं तो वह यदि आपके परिजन को नहीं भी मिलता है तो पुनः वह धनराशि आपको वापस प्राप्त हो जाती है। इसी क्रम में भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है कि “श्रद्धावान् लभते ज्ञानं, सं जितेन्द्रिय, ज्ञानं लब्ध्वा परम् शान्ति मयिराधिगच्छति!!” अतः आप सभी को सादर अवगत कराया जा रहा है जिनको अपने पितरों के दिवंगत होने की तिथि मालूम है वे सभी उक्त तिथि पर गायत्री शक्तिपीठ गोड़ा देहाती (रेलवे स्टेशन से पश्चिम) गाजीपुर पर बिना किसी अतिरिक्त व्यवस्था को जुटाए सुबह 10 बजे उपस्थित होने की कृपा करें। सारी व्यवस्थाएं गायत्री शक्तिपीठ की ओर से निःशुल्क तैयार रहती है। आपको अपनी ओर से कुछ भी झंझट नहीं उठानी पड़ेगी। तीर्थ क्षेत्र में किया गया श्राद्ध-तर्पण का लाभ अन्यत्र कहीं करने से हजार गुना अधिक प्राप्त होता है। गायत्री तीर्थ को गया, कुरुक्षेत्र, गंगा, पुष्कर,सरयू, कावेरी,नर्मदा, सरस्वती, गंडकी, शेष वाराह तीर्थ, चारों सागर, हरिद्वार, बद्रीकाश्रम आदि अन्य तीर्थों का आवाहन, अभिनन्दन, पदवन्दन, अभ्यर्थना के साथ अत्यन्त क्रमबद्ध, सारगर्भित व वैदिक तरीके से श्राद्ध-तर्पण कराया जाता है। हमें पूर्ण विश्वास है कि आप पूर्ण रूप से संतुष्ट और प्रसन्न हो जायेंगे। आपके द्वारा श्रद्धा शक्ति और भक्ति पूर्वक जो भी सहयोग प्रदान किया जाता है उसकी पक्की रसीद आपको प्रदान किया जायेगा, एक भी पैसा (धनराशि) व्यक्तिगत रूप से स्वीकार नहीं किया जायेगा। लोकल व शहर क्षेत्र के परिजन प्रातः 8 से 10 के बीच श्राद्ध क्रिया करा कर घर जाकर भूत यज्ञ (ग्रास निकलना) आदि का कार्य सम्पन्न करेंगे और दूर-दराज के परिजन दोपहर 11-00 से 1-00 तक आयें और सारा कर्मकाण्ड यहीं सम्पन्न कराएं। जिन परिजनों को अपने पितरों की तिथि ज्ञात नहीं है वे लोग दिनांक 10-10-2026 सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या के दिन प्रातः 08 बजे से आयोजित सामूहिक तर्पण कार्यक्रम में उपस्थित होकर श्राद्ध-तर्पण संपन्न करेंगे।

Image 1 Image 1

Check Also

गाजीपुर: बगैर मान्‍यता प्राप्‍त सोशल मीडिया के पत्रकारों को भी मिलेगा इलाज के लिए कैशलेस कार्ड- डिप्‍टी सीएम ब्रजेश पाठक

गाजीपुर। डिप्‍टी सीएम ब्रजेश पाठक ने पत्रकारों को बताया कि हमारी सरकार प्रयास कर रही …