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टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में एमएमएमयूटी की छलांग, 1201–1400 वैश्विक रैंक बैंड में बनाई जगह

लखनऊ। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर ने टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में अपनी स्थिति में सुधार करते हुए 1201–1400 वैश्विक रैंक बैंड में स्थान हासिल किया है। वर्ष 2026 की रैंकिंग में विश्वविद्यालय 1201–1500 बैंड में था। टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में विश्वभर के 3,146 पात्र संस्थानों का मूल्यांकन किया गया, जिनमें भारत के 170 विश्वविद्यालय शामिल हैं। रैंकिंग में शामिल उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में एमएमएमयूटी और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ संयुक्त रूप से 1201–1400 के सर्वोच्च रैंक बैंड में हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय को 1801–2000 बैंड, जबकि दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय को +2001 श्रेणी में स्थान मिला है। इस रैंकिंग के पांच प्रमुख प्रदर्शन मानकों में से चार में एमएमएमयूटी ने पहले के मुकाबले इस वर्ष सुधार दर्ज किया है। विश्वविद्यालय का टीचिंग स्कोर वर्ष 2026 के 25.1 से बढ़कर 2027 में 34.5 हो गया, जो 37.5 प्रतिशत की वृद्धि है। इसी तरह रिसर्च एनवायरनमेंट स्कोर 9.3 से बढ़कर 12.3 हुआ, जिसमें 32.3 प्रतिशत सुधार दर्ज किया गया। इंडस्ट्री स्कोर 20.6 से बढ़कर 22.7 हो गया, जो 10.2 प्रतिशत की वृद्धि है। वहीं इंटरनेशनल आउटलुक स्कोर 18.5 से बढ़कर 19.6 हो गया, जिसमें 5.9 प्रतिशत सुधार हुआ है। विश्वविद्यालय का रिसर्च क्वालिटी स्कोर वर्ष 2027 में 52.0 रहा, जबकि 2026 में यह 53.8 था। इसमें 3.3 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई है। विश्वविद्यालय ने अनुसंधान गुणवत्ता को अपनी रणनीतिक प्राथमिकता में शामिल करते हुए उच्च गुणवत्ता वाले अंतरराष्ट्रीय शोध प्रकाशनों, शोध उद्धरणों, अंतर्विषयक अनुसंधान, बाह्य वित्तपोषित परियोजनाओं, वैश्विक शोध सहयोग, उच्च प्रभाव वाले पेटेंट, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और उन्नत अनुसंधान अवसंरचना पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। इसके साथ ही ग्रीन हाइड्रोजन एवं फ्यूल सेल, सतत प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उन्नत सामग्री और पर्यावरणीय प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में कार्यरत शोध समूहों एवं केंद्रों को सुदृढ़ किया जा रहा है। डॉक्टोरल रिसर्च, उद्योग-अकादमिक साझेदारी और अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा ने इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और पूर्व छात्रों को बधाई देते हुए इसे सभी के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा, “टीचिंग, रिसर्च एनवायरनमेंट, इंडस्ट्री और इंटरनेशनल आउटलुक में उल्लेखनीय सुधार यह दर्शाता है कि विश्वविद्यालय वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त उच्च शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान बनने की अपनी परिकल्पना की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।” कुलपति महोदया ने कहा कि विश्वविद्यालय उच्च प्रभाव वाले शोध, मजबूत राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग, शोध वित्तपोषण, उद्धरण प्रभाव, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और उद्योग से जुड़े अनुसंधान पर अपना ध्यान जारी रखेगा। इसका उद्देश्य ऐसा अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है, जो सार्थक ज्ञान और नवाचार के सृजन के साथ राष्ट्रीय एवं वैश्विक चुनौतियों के समाधान में योगदान दे सके।

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