गाजीपुर। दीपावली के पावन पर्व पर जमानियां कस्बा बाजार सहित स्टेशन बाजार और आसपास के बाजार में जबरदस्त रौनक देखने को मिली। जहाँ मिठाई और पूजा सामग्री की दुकानों पर खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ी है। सोमवार को मिठाई की दुकानों पर लड्डू, पेड़ा, बर्फी के साथ-साथ काजू, बादाम, पिस्ता और किशमिश के आकर्षक गिफ्ट पैक की खूब बिक्री रही। वही लोग माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्तियों, मिट्टी के पारंपरिक दीयों, खील-बताशे, लाई-लावा और रोली-अक्षत की खरीदारी के लिए दुकानों पर भीड़ देखी गई। लोगों ने घरों को रोशन करने के लिए रंग-बिरंगी झालरें, इलेक्ट्रिक लाइट्स, मोमबत्तियां और फूल-मालाओं से बाजार में पहुंचकर खरीदारी की। बताया जा रहा है। कि जहां दीपावली पर लक्ष्मी पूजा से वैभव और सुख आता है, वहीं मां काली की पूजा से मन के भय, नकारात्मकता और अहंकार का नाश होता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, मां काली दस महाविद्याओं में से एक और आदि शक्ति का उग्र रूप हैं जो बुराई और अधर्म का खात्मा करती हैं। राम जानकी मंदिर के पुजारी डॉ शेषनाथ उपाध्याय ने बताया कि पौराणिक कथा के अनुसा रक्तबीज नामक असुर का वध करने तथा दुष्टों का संहार करने के बाद जब माता का क्रोध शांत नहीं हुआ। तब भगवान शिव उनके चरणों में लेट गए थे। इसी की याद में अर्धरात्रि (निशीथ काल) में उनकी पूजा की जाती है। उन्होंने बताया कि लकड़ी की चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर मां काली की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित किया जाना चाहिए। किसी भी पूजा से पहले भगवान गणेश का ध्यान कर उन्हें अक्षत और फूल अर्पित भी किया जाना चाहिए। उपाध्याय ने बताया कि हाथों में लाल फूल और अक्षत लेकर ॐ क्रीं कालिकाई नमः मंत्र का जाप करना चाहिए।

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