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बलिया: महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्‍पताल के बाहर शव रखकर किया प्रदर्शन  

बलिया। जिले के सिकंदरपुर कस्बा के बस स्टेशन चौराहे के समीप मंगलवार की सुबह जमकर हंगामा हुआ। यहां परिजनों ने 25 वर्षीय महिला माधुरी का शव दुबरी चौधरी के कटरा के बाहर रख दिया और न्याय की मांग करने लगे। मृतका के पिता रामाशीष कनौजिया, निवासी करमौता गांव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पुत्री की मौत एक निजी अस्पताल में चिकित्सकीय लापरवाही के कारण हुई है। रामाशीष के अनुसार, 26 जून को उनकी पुत्री माधुरी (25) जो ताड़ी बड़ागांव थाना नगरा निवासी राजेश कनौजिया की पत्नी थी, उसको उर्मिला वर्मा के कहने पर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में मौजूद महिला चिकित्सक और उनके स्टाफ ने बिना परिजनों की अनुमति के बाहर से एक चिकित्सक को बुलाकर ऑपरेशन कर दिया। पीड़ित परिवार का कहना है कि ऑपरेशन के बाद माधुरी की हालत लगातार बिगड़ती रही। 27 जून से ही वे चिकित्सकों से लगातार आग्रह करते रहे कि उनकी बेटी को बेहतर इलाज के लिए कहीं और रेफर किया जाए, लेकिन चिकित्सकों ने मरीज को रेफर नहीं किया। परिजनों का आरोप है कि 30 जून को जब माधुरी की हालत गंभीर हो गई तो उसे लेकर पहले फातिमा अस्पताल मऊ गए, जहां गंभीर हालत में होने के कारण उसे भर्ती करने से मना कर दिया गया। इसके बाद उसे प्रकाश अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान सोमवार की रात करीब 11 बजे उसकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, मऊ के चिकित्सकों ने बताया कि ऑपरेशन गलत तरीके से किया गया था और संक्रमण पूरे पेट में फैल गया था। मंगलवार की सुबह जब परिजन शव लेकर उस अस्पताल पर पहुंचे, जहां ऑपरेशन हुआ था। वहां अस्पताल में ताला लगा था और सभी कर्मचारी फरार हो चुके थे। आक्रोशित परिजनों ने शव वहीं सड़क पर रख दिया और प्रदर्शन शुरू कर दिया। मृतका की मासूम बच्ची को गोद में लिए उसकी चाची पौधारी देवी बार-बार बेहोश हो जा रही थीं। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। मृतका के पिता बार-बार यही कह रहे थे, ‘अगर उर्मिला मेरी बच्ची को उस अस्पताल में नहीं ले जाती तो आज वो जिंदा होती।’ परिजन दोषी चिकित्सकों पर कड़ी कार्रवाई और मुआवजे की मांग कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचकर परिजनों को शांत कराने और मामले की जांच का आश्वासन देने में जुटा है। मुख्य चिकित्साधिकारी संजीव वर्मन के निर्देश पर जांच करने पहुंचे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर के प्रभारी दिग्विजय सिंह व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बघुड़ी के अधीक्षक चंदन सिंह बिसेन के नेतृत्व में टीम परिजनों व पुलिस से घटना के बारे में जानकारी ली और अस्पताल को सील कर कार्रवाई में जुट गई।

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