वाराणसी। भाजपा ने बृहस्पतिवार को 10 साल 4 महीने बाद काशी के नए जिलाध्यक्ष की घोषणा की। ओबीसी समाज से आने वाले राम सकल पटेल को नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इससे पहले जिलाध्यक्ष रहे हंसराज विश्वकर्मा भी ओबीसी समाज से ही आते हैं और वह लगातार 10 साल 4 महीने तक अपने पद पर रहे। 11 अप्रैल 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेवापुरी विधानसभा के मेंहदीगंज गांव में जनसभा की थी। जनसभा के एक सप्ताह के भीतर गांव और आसपास की सड़कों का निर्माण करा दिया गया था। राम सकल पटेल इसी गांव के निवासी हैं। राम सकल वर्तमान में भाजपा की जिला कार्यसमिति के सदस्य हैं। इससे पहले वह भाजयुमो के जिला उपाध्यक्ष और किसान मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य भी रह चुके हैं। उनका परिवार शुरू से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा रहा है। इसी कारण वह बचपन से संघ की शाखाओं में जाते रहे हैं। वर्ष 1996 में उन्होंने पहली बार भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। बृहस्पतिवार को प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी द्वारा घोषणा किए जाने के बाद उनके आवास पर कार्यकर्ताओं का पहुंचना शुरू हो गया। देर रात तक समर्थकों और कार्यकर्ताओं की भीड़ लगी रही। इस दौरान हर-हर महादेव और जय श्रीराम के नारे गूंजते रहे। वर्तमान क्षेत्रीय अध्यक्ष भी ओबीसी वर्ग से हैं। अब तक जिलाध्यक्ष पद भी ओबीसी वर्ग के पास था। पार्टी ने एक बार फिर ओबीसी समाज से ही जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। रोहनिया और पिंडरा विधानसभा क्षेत्रों में पटेल, भूमिहार, राजभर और अनुसूचित जाति मतदाताओं का बड़ा प्रभाव माना जाता है। रोहनिया में पटेल मतदाताओं की संख्या करीब 70 हजार और पिंडरा में लगभग 80 हजार बताई जाती है। सेवापुरी में भूमिहार, ब्राह्मण और अनुसूचित जाति के वोट अहम भूमिका निभाते हैं। यहां यादव, मुस्लिम और राजभर मतदाता भी प्रभावी माने जाते हैं।
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