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मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर में पीएचडी प्रवेश परीक्षा में 134 विद्यार्थी सफल   

लखनऊ। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2025-2026 के विषम सेमेस्टर में पी एच डी प्रवेश परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए हैं। घोषित परिणामों के अनुसार विभिन्न विभागों में कुल 134 विद्यार्थियों को प्रवेश मिला है। प्रवेश परीक्षा के परिणाम विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए गए  हैं। हाल में घोषित परिणाम एम एम एम यू टी के अब तक के इतिहास में एक कीर्तिमान हैं। आज घोषित परिणामों के अनुसार इस सत्र में चयनित छात्रों की संख्या (134) शैक्षणिक सत्र 2021-22 की तुलना (59) में दोगुने से भी अधिक है। यह उल्लेखनीय बढ़त विश्वविद्यालय में पुष्पित पल्लवित हो रही शोध संस्कृति और गुणवत्ता को दर्शाती है।

शैक्षणिक सत्र 2025-2026 विषम सेमेस्टर के मुकाबले पिछले पांच वर्षों के आंकड़े इस प्रकार हैं :

शैक्षणिक सत्र 2021-2022

विश्वविद्यालय फेलोशिप के अंतर्गत चयनित: 24 छात्र

स्ववित्तपोषित योजना के अंतर्गत चयनित: 35 छात्र

शैक्षणिक सत्र 2022-23

विश्वविद्यालय फेलोशिप के अंतर्गत चयनित: 28 छात्र

स्ववित्तपोषित योजना के अंतर्गत चयनित: 52 छात्र

शैक्षणिक सत्र 2023-24

विश्वविद्यालय फेलोशिप के अंतर्गत: 15

स्ववित्तपोषित योजना के अंतर्गत: 19

शैक्षणिक सत्र 2024-25

विश्वविद्यालय फेलोशिप के अंतर्गत: 27

स्ववित्तपोषित योजना के अंतर्गत: 18

शैक्षणिक सत्र 2025-26

विश्वविद्यालय फेलोशिप के अंतर्गत: 59

स्ववित्तपोषित योजना के अंतर्गत: 75

सत्र 2025-2026 के विषम सेमेस्टर में विभागवार चयनित अभ्यर्थियों की संख्या निम्नवत है: –

कम्प्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग: 49 शोधार्थी (18 University Fellowship, 30 Self-financed, 1 Visvesvaraya Fellowship)

मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग: 5 शोधार्थी (2 University Fellowship, 3 Self-financed)

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग: 7 शोधार्थी (4 University Fellowship, 3 Self-financed)

सिविल इंजीनियरिंग विभाग: 12 शोधार्थी (8 University Fellowship, 4 Self-financed)

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग: 17 शोधार्थी (2 University Fellowship, 14 Self-financed, 1 Visvesvaraya Fellowship)

रसायन विज्ञान विभाग: 5 शोधार्थी (5 University Fellowship)

गणित विभाग: 6 शोधार्थी (5 University Fellowship, 1 Self-financed)

भौतिकी विभाग: 6 शोधार्थी (5 University Fellowship, 1 Self-financed)

केमिकल इंजीनियरिंग विभाग: 7 शोधार्थी (3 University Fellowship, 4 Self-financed)

प्रबंध अध्ययन विभाग: 6 शोधार्थी (2 University Fellowship, 4 Self-financed)

फार्मेसी: 4 शोधार्थी (1 University Fellowship, 3 Self-financed)

सूचना प्रौद्योगिकी एवं कम्प्यूटर अनुप्रयोग: 10 शोधार्थी (2 University Fellowship, 8 Self-financed)

विश्वविद्यालय ने शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक प्रोत्साहन नीति लागू की है, जिसके तहत शोधार्थियों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं:

आउटस्टैंडिंग पब्लिकेशन अवार्ड: ₹200,000

प्रीमियर पब्लिकेशन अवार्ड: ₹50,000

कमेंडेबल पब्लिकेशन अवार्ड:  ₹20,000

आउटस्टैंडिंग पेटेंट अवार्ड: ₹50,000

कमेंडेबल पेटेंट अवार्ड: ₹25,000

ये पुरस्कार शोधार्थियों को नवाचार और उच्च गुणवत्ता वाले शोध के लिए प्रेरित करते हैं। यह नीति न केवल शोधार्थियों को प्रोत्साहित करती है, बल्कि उन्हें उद्योग, समाज और राष्ट्र के लिए सार्थक योगदान देने के लिए भी प्रेरित करती है। एम एम एम यू टी के माननीय कुलपति प्रो जे पी सैनी ने कहा कि “शोधार्थियों की बढ़ती संख्या और शोध कार्यों की गुणवत्ता विश्वविद्यालय की प्रगति का प्रमाण है। हमारा लक्ष्य शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ समाज और उद्योग की आवश्यकताओं को पूरा करने वाले नवाचारों को बढ़ावा देना है। विश्वविद्यालय शोध और नवाचार के क्षेत्र में अपनी अग्रणी भूमिका को और सशक्त करने के लिए कटिबद्ध है। विश्वविद्यालय की प्रगतिशील नीतियां और शोध के प्रति समर्पण इसे एक प्रमुख शोध केंद्र के रूप में स्थापित कर रहे हैं।”

 

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