मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर में दिनांक 07 अगस्त 2025 को MPH हॉल में आयोजित नवप्रवेशित छात्रों के ओरिएंटेशन एवं इंडक्शन कार्यक्रम (OIPNAS–2025) के अंतर्गत एक विशेष व्याख्यान संपन्न हुआ। प्रथम सत्र में प्रसिद्ध चेस्ट रोग विशेषज्ञ एवं लंग्स केयर फाउंडेशन (गोरखपुर चैप्टर) के अध्यक्ष डॉ. एस. के. लाठ द्वारा “पर्यावरण का मानव फेफड़ों पर प्रभाव” विषय पर एक अत्यंत जानकारीपूर्ण और चेतना जगाने वाला व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। डॉ. लाठ ने अपने व्याख्यान में बताया कि किस प्रकार वायु प्रदूषण, धूल-कण, धुआँ, और औद्योगिक उत्सर्जन सीधे हमारे फेफड़ों को प्रभावित करते हैं। उन्होंने समझाया कि बच्चों, बुज़ुर्गों और पहले से अस्थमा या श्वसन रोगों से पीड़ित लोगों पर इसका असर सबसे अधिक होता है। उन्होंने एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) की माप विधि को डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से दिखाया और बताया कि किस तरह AQI के स्तर बढ़ने पर सांस लेने में तकलीफ, खांसी, एलर्जी और फेफड़ों में सूजन जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं।डॉ. लाथ ने यह भी बताया कि शहरीकरण और अनियंत्रित वाहन-प्रदूषण फेफड़ों की कार्यक्षमता को लगातार कमजोर बना रहा है, जिससे दीर्घकालिक फेफड़े से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।इस अवसर पर OIPNAS–2025 के चेयरमैन प्रो. वी. के. गिरी एवं प्रो. बी. के. पांडेय ने संयुक्त रूप से पुष्पगुच्छ भेंट कर डॉ. लाथ का स्वागत किया।डॉ. पीयूष कुमार, जो कि OIPNAS–2025 समिति के सदस्य हैं, इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे। छात्रों ने सत्र को अत्यंत उपयोगी और जागरूकता बढ़ाने वाला बताया। इस कार्यक्रम ने न केवल पर्यावरणीय मुद्दों की गंभीरता को उजागर किया बल्कि युवाओं को स्वच्छ पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने के लिए भी प्रेरित किया।
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